झांसी। वैसे तो चौधरी चरण सिंह का गढ़ पश्चिमी उत्तरप्रदेश ही रहा है, पर एक समय ऐसा भी आया जब उनकी पार्टी भारतीय क्रांति दल ने बुंदेलखंड की कई सीटों पर कब्जा कर लिया। पर, वक्त के साथ बदले राजनीतिक समीकरणों के बीच यह राजनीतिक हालात ज्यादा दिन तक स्थायी रूप से नहीं रह सके। बात है 1967 की। विधानसभा चुनाव के दौरान झांसी सदर से जगमोहन नाथ वर्मा, चरखारी से मोहनलाल तथा हमीरपुर से उदित नारायण क्रांति दल से चुनाव जीते थे। हालांकि सरकार लंबे समय तक नहीं चली तथा दो साल बाद ही प्रदेश में मध्यावधि चुनाव हुए इसमें झांसी की सीट तो कायम रही, बाकी सीटों को नहीं बचाया जा सका।
जिस दौर में कांग्रेस की तूती बोलती थी उसमें बुंदेलखंड की तीन सीटों पर भारतीय क्रांति दल के तीन प्रत्याशियों के चुनाव जीतने का श्रेय चौधरी चरण सिंह के कु शल नेतृत्व को ही दिया जाता है। क्रांति दल का संगठन बाद में लोकदल हो गया और बुंदेलखंड में उसका विस्तार भी हुआ पर वह अपनी पुरानी स्थिति में फिर कभी नहीं लौटा।