फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jhansi News: बाजार में फिर बढ़े गेहूं के दाम... क्रय केंद्रों से दूर हुए किसान

विज्ञापन
विज्ञापन
क्रय केंद्रों पर 25 मई से बिल्कुल भी नहीं हुई गेहूं खरीद
विज्ञापन

अब बाजार में 2400 रुपये प्रति क्विंटल बिक रहा गेहूं

अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। बाजार में गेहूं की कीमतें एक बार फिर बढ़ने से सरकारी क्रय केंद्रों की तरफ किसानों ने रुख करना बंद कर दिया है। 25 मई से क्रय केंद्रों पर गेहूं की खरीद ठप पड़ी है। जिले में अब तक शासन से मिले 99 हजार एमटी लक्ष्य के सापेक्ष 25 हजार एमटी गेहूं की खरीद हो सकी है। ऐसे में 15 जून तक गेहूं खरीद का लक्ष्य पूरा करना चुनौती बन रहा है।
शासन ने एक मार्च से 15 जून तक जिले में 99 हजार एमटी गेहूं खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया था। इसके लिए जिले में 78 खरीद केंद्र बनाए गए। लेकिन झांसी में शुरुआत से ही गेहूं खरीद सुस्त रही। अप्रैल में मंडी में किसानों को गेहूं बेचने पर 2300 रुपये प्रति क्विंटल मिल रहे थे। जबकि मध्यप्रदेश में 2400 रुपये प्रति क्विंटल और बोनस मिल रहा था। ऐसे में किसान अपना गेहूं एमपी ले जाकर बेचने लगे। अधिकारियों ने किसानों को जागरूक किया तो कुछ खरीद हुई और जैसे-तैसे क्रय केंद्रों पर 25 हजार एमटी गेहूं खरीदा जा सका। मई में झांसी की मंडियों में गेहूं की कीमत 2400-2450 रुपये प्रति क्विंटल हो गई। इसके चलते किसानों ने केंद्रों की तरफ रुख करना बंद कर दिया है। जबकि क्रय केंद्र पर 2275 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से गेहूं खरीदा जा रहा है।
विज्ञापन

डिप्टी आरएमओ एफसीआई नमन पांडेय ने बताया कि 25 मई से केंद्रों पर गेहूं की खरीद लगभग बंद हो गई है। इसकी वजह बाजार में गेहूं की कीमत 2400 से 2450 रुपये प्रति क्विंटल होना है। ऐसे में किसान क्रय केंद्र पर नहीं आ रहे हैं।
विज्ञापन



चने की खरीद शुरू ही नहीं हुई
जिले में चने की पैदावार होती है, लेकिन किसानों ने क्रय केंद्र पर बिल्कुल भी बिक्री नहीं की है। यही वजह है कि 14 अप्रैल से अभी तक खरीद का आंकड़ा शून्य पर अटका है।
मसूर व सरसों की हुई खूब खरीद
जिले में 12295 किसानों ने क्रय केंद्र पर 15627.60 एमटी मसूर और 10946.35 एमटी सरसों बेची है। इसमें से 23946.11 एमटी का उठान हो चुका है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें