झांसी। प्रेमनगर इलाके में हुए दोहरे हत्याकांड के 182 दिन गुजर चुके लेकिन, पुलिस अभी तक बे सबूत है। हत्याकांड के खुलासे को स्वॉट समेत तेजतर्रार दरोगाओं की टीम लगाई गई। यह भी कोई कमाल नहीं दिखा सके। यहां तक कि पुलिस के हाथ अभी तक दपंती की विसरा जांच रिपोर्ट तक नहीं आई है। इस वजह से पड़ताल जहां की तहां ठहर गई है।
थाना प्रेमनगर के सिद्घ की टोरिया में 30 सितंबर को अज्ञात बदमाशों ने डेयरी संचालक बलवीर यादव उर्फ बल्लू समेत उसकी पत्नी अंजू की कुल्हाड़ी से काटकर हत्या कर दी थी। पति-पत्नी की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या से पहले उनको बेहोश करने की आशंका जताई गई थी। इसके लिए विसरा को जांच के लिए भेजा गया लेकिन, छह माह बीत जाने पर भी पुलिस यह रिपोर्ट हासिल नहीं कर सकी। यह रिपोर्ट हत्याकांड खुलासे में अहम साबित हो सकती है। अगर इसमें बेहोश करने के बाद हत्या की बात सामने आती है तब किसी करीबी के हाथ होने की पुष्टि होगी। इसी तरह बलवीर के पैसों के लेन-देन का पूरा ब्योरा भी सामने नहीं आया है। बलवीर अधिक पढ़ा- लिखा न होने की वजह से बैंक में खाता नहीं रखता था। डेयरी से उसकी मोटी कमाई होती थी। हत्या के बाद उसके पास नकदी बरामद नहीं र्हुई। उसके बाद भी पुलिस उसके पैसों का कुछ पता नहीं लगा सकी। कई दूसरे बिंदू पर भी पुलिस की जांच खमोश है।
73 लोगों से पूछताछ, एक सीओ, एक इंस्पेक्टर, पांच दरोगा फिर भी नहीं हुआ खुलासा
हत्याकांड को सुलझाने के लिए पुलिस उसके रिश्तेदारों, पड़ोसियों समेत कुल करीब 73 लोगों से पूछताछ कर चुकी। खुलासे को सीओ सदर, प्रेमनगर इंस्पेक्टर, स्वाट टीम समेत पांच दरोगा लगाए गए लेकिन, पुलिस के हाथ अभी तक हत्यारों तक नहीं पहुंच सके।
आज तक पता नहीं चला क्यूं चाचा-चाची को मारा
बलवीर यादव उर्फ बल्लू की कोई संतान नहीं थी। कई वर्ष पहले उसके बड़े भाई की भी हत्या हो चुकी। अब परिवार मेें बड़े भाई का इकलौता पुत्र हरिओम ही बचा है। अपनी पत्नी के साथ वह बलवीर के घर में ही रहता है। उसका कहना है कि बलवीर की किसी से रंजिश की बात उसे नहीं पता। चाचा ने ऐसी कोई बात नहीं बताई। पैसों को लेकर भी कोई विवाद उसे नहीं पता। ऐसे में दोनों का कत्ल क्यूं हुआ, उसे आज तक पता नहीं चला।
सीओ एवं विवेचक को एसआर (स्पेशल रिपोर्ट) के साथ तलब किया गया है। इसमें सर्विलांस समेत अन्य को शामिल किया जाएगा। नए सिरे से जांच शुरू करने को कहा गया है।
जोगेंद्र कुमारए डीआईजी