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हाथी ग्राउंड में नजर आए आकाश, भीष्म एवं गोफर

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झांसी। हाथी ग्राउंड पर सेना के अत्याधुनिक साजो-सामान की प्रदर्शनी लगी। भारतीय सेना की आन समझे जाने वाले आकाश प्रक्षेपास्त्र से लेकर टैंक, मिसाइल समेत दर्जनों आधुनिक सैन्य उपकरण प्रदर्शित किए गए। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी प्रदर्शनी स्थल पहुंचे और जायजा लिया। पहले दिन चुनिंदा लोगों को ही प्रदर्शनी देखने का मौका मिला हालांकि जिन्होंने इसे देखा उसने ही भारतीय सेना की तकनीकी कौशल की दिल खोलकर तारीफ की।
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हाथी ग्राउंड पर चलने वाली इस तीन दिनी रक्षा उपकरणों की प्रदर्शनी में स्वदेशी तकनीक से बने उपकरणों समेत रूस, इजराइल, सोवियत यूनियन समेत अन्य देशों की मदद से बने कुल करीब चार दर्जन सैन्य उपकरण प्रदर्शित किए गए। सबसे आकर्षक डीआरडीओ से विकसित आकाश प्रक्षेपास्त्र रहा। भारत की स्वदेशी तकनीक पर आधारित इस प्रक्षेपास्त्र से तीस किमी दूरी तक मार किया जा सकता है। यह 18000 मीटर ऊंचाई के टारगेट को भी नष्ट कर सकता है। सोवियत तकनीक से बनी स्ट्रेला-10 एम ने भी भारतीय सेना की दक्षता दिखाई। सतह से हवा में मार करने वाली इस मिसाइल प्रणाली का नाटो नाम गोफर है। इससे अचानक नजर आने वाले दुश्मन के लक्ष्य को चंद मिनट में नष्ट किया जा सकता है। इसी तरह बीएलटी टैंक टी-72 समेत अन्य मिसाइल क्षमता वाले उपकरण भी प्रदर्शन के लिए यहां रखे गए हैं। भारतीय सेना की तकनीकी क्षमता को प्रदर्शित करने वाले लेवल लाइन वेट राडार भी प्रदर्शित किए गए हैं। इनकी मदद से रेगिस्तान से लेकर पहाड़ तक हर गतिविधि पर बारीक नजर रखी जा सकती है। इनके साथ ही बैलेस्टिक मिसाइल जैसे हवाई लक्ष्य भी नष्ट करने की क्षमता है। यहां टी-90 भीष्म वाहन भी रखा गया है। रुस एवं फ्रांस की मदद से इसका निर्माण शुरू हुआ। माइन को नष्ट करने वाला टी-72 भी आकर्षण का केंद्र रहा। नीची उड़ान वाले हवाई खतरों को नष्ट करने वाले बीएमपी टू इंफैट्री कॉम्बैट व्हीकल को भी लोगों ने खूब पसंद किया। प्रदर्शनी के दौरान गरूण फोर्स कमांडो भी नजर आए। कई तरह की पिस्टल भी प्रदर्शनी में रखी गई है। इसमें ग्लॉक पिस्टल, टैवोर, टीएआर आदि शामिल हैं। तंगुस्का जैसी स्वचलित विमान भेदी मिसाइल प्रणाली को लेकर भी लोगों में उत्सुकता नजर आई। इसकी मारक क्षमता 2000 से 4000 मीटर तक है जबकि प्रति मिनट इससे 5000 राउंड फायर किए जा सकते हैं। इसी तरह पहली स्वदेशी आर्टिलरी गन धनुष भी प्रदर्शनी में रखा गया है। कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा के तगड़े इंतजाम किए गए थे। सुरक्षा के लिए सेना के जवान भी बड़ी संख्या में वहां तैनात किए गए थे। रक्षा मंत्री के साथ ही वरिष्ठ सैन्य अफसर भी मौजूद रहे।
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