झांसी। जून माह में 176 गांवों के 63 हजार से अधिक घरों में नल से पानी पहुंचने लगेगा। इसके साथ ही तीन लाख से अधिक की आबादी में जल संकट खत्म हो जाएगा। इसके लिए चार जल परियोजनाओं पर तेजी से काम जारी है, जोकि दो माह बाद आकार ले लेंगी।
ग्रामीण क्षेत्र की ज्यादातर आबादी पानी के लिए हैंडपंप व कुओं पर निर्भर है। तमाम लोगों को पानी के लिए दूर-दूर तक जाना होता है। गर्मी में कुएं व हैंडपंप साथ छोड़ जाते हैं, जिससे हालात और भी बिगड़ जाते हैं। आबादी का एक बड़ा हिस्सा टैंकरों पर निर्भर हो जाता है। इस समस्या से निजात दिलाने के लिए दो साल पहले हर घर जल योजना की शुरुआत की गई थी, जिस पर तेजी से काम जारी है। गांव-गांव में पाइपलाइन बिछाई जा रही हैं और ओवरहेड टैंकों का निर्माण जारी है।
इनमें से बड़ागांव के गुलारा, बचावली व तिलैथा गांवों में परियोजना का काम 60 फीसदी से ऊपर पूरा हो चुका है, जबकि, बुढ़पुरा परियोजना का काम 65 प्रतिशत पूरा हो गया है। दो माह के भीतर शत प्रतिशत काम पूरा करने की तैयारी है। जून माह में इन परियोजनाओं से जलापूर्ति शुरू कर दी जाएगी। इससे 176 गांवों के 63,170 परिवारों को नल के कनेक्शन उपलब्ध कराए जाएंगे। इसका लाभ तीन लाख 15 हजार की आबादी को होगा।
परियोजना का लाभ एक नजर में...
- गुलारा परियोजना से 44 गांवों के 11,544 घरों में नल का कनेक्शन दिया जाएगा।
-बचावली परियोजना से 40 गांवों के 14,555 घरों में नल से पहुंचेगा पानी।
- तिलैथा परियोजना से 30 गांवों के 8,567 परिवारों को घर में मिलेगा पानी।
- बुढ़पुरा परियोजना से 62 गांवों के 28,504 परिवार होंगे लाभान्वित।
इन परियोजनाओं पर काम तेजी से जारी है। 60 प्रतिशत से अधिक काम पूरा कर लिया गया है। दो महीने में काम पूरा कर जून माह में घरों में नल से पानी उपलब्ध कराया जाने लगेगा। इसका लाभ 176 गांवों के 63,170 परिवारों को मिलेगा।
- संजय पांडेय, अपर जिलाधिकारी (नमामि गंगे)