झांसी। स्मार्ट सिटी मिशन के जरिए 2.12 करोड़ की लागत से अलग-अलग इलाकों में वाटर एटीएम स्थापित किए जाने थे। नगर निगम के दस्तावेज बताते हैं कि इनसे लोगों को साफ पानी देना करीब सवा महीने पहले शुरू कर दिया लेकिन, हकीकत में यह वाटर एटीएम कहीं भी काम नहीं कर रहे हैं।
दूसरे शहरों में वाटर एटीएम की कामयाबी को देखते हुए स्मार्ट सिटी मिशन के जरिए यहां भी बारह बूथ तैयार करने के प्रस्ताव को मंजूरी दो वर्ष पहले ही मिल गई। बीकेडी चौराहा, राजकीय संग्रहालय के पास, बस अड्डा चौराहे के पास, सीपरी बाजार समेत अन्य जगहों पर इसके बूथ लगाए जाने थे। कोई भी व्यक्ति इसकी मदद से आरओ का साफ पानी ले सकता है। स्थान चिन्हित होने के बाद इन जगहों पर मशीनें लगाने का काम शुरू हुआ। इनके जरिए रीफिल करके लोगों को पानी उपलब्ध कराना था लेकिन, कार्यदायी एजेंसी के दिलचस्पी न लेने से यह काम लगातार पिछड़ता चला गया। यह काम मई माह तक पूरा हो जाना था, लेकिन पूरा नहीं हुआ। उइसके बाद अफसरों का दबाव पड़ने पर कई एटीएम कागजों पर ही आरंभ दिखा दिए गए। यह फर्जीवाड़ा पिछले दिनों हुई बैठक में खुद जिलाधिकारी ने पकड़ लिया। डीएम ने मातहत अफसरों को फटकार भी लगाई। इसके बाद भी यह बूथ आरंभ नहीं हो सके। चौराहों पर यह महज शोपीस की तरह खड़े हैं। बीकेडी चौराहा, सीपरी बाजार समेत अन्य जगहों पर लगे वाटर एटीएम कोई भी फायदा लोगों को नहीं मिल रहा है।
बीत गया समय, मौके पर शुरू ही नहीं हुए काम
स्मार्ट सिटी लिमिटेड के तहत प्रस्तावित कई कार्य ऐसे सामने आए, जिनके पूर्ण होने की समय बीत गया लेकिन, मौके पर काम शुरू ही नहीं हुआ। शहर के विभिन्न 87 स्थानों पर सोलर पावर पैनल लगाया जाना था। यह कार्य अगस्त 2021 तक पूर्ण होना था। यह काम अभी तक आरंभ ही नहीं हुआ। इसी तरह 87 सरकारी भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग स्थापित किए जाने का काम 89.1 करोड़ की धनराशि से कराया जाना था लेकिन, कार्यदायी संस्थान सिर्फ 27 जगहों पर ही काम आरंभ करा सका। स्मार्ट सिटी के तहत अब तक 185. 87 करोड़ की आठ परियोजनाएं ही पूरी हुई।