झांसी। गोंडवाना एक्सप्रेस में तैनात कोच कंडक्टर की जांच विजिलेंस से आई सूचना के आधार पर की गई थी। वहीं, मंगलवार को कोच कंडक्टर के साथ अभद्रता के मामले ने जबलपुर में आंदोलन का रूप ले लिया। झांसी के डिप्टी एसएस वाणिज्य व चार आरपीएफ सिपाहियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने हेतु जबलपुर जीआरपी में तहरीर दे दी गई है।
रविवार की रात जबलपुर से चलकर हजरत निजामुद्दीन को जाने वाली गाड़ी संख्या 22181 के एसी कोच में कोच कंडक्टर के तौर पर झांसी आए राजेश विश्वकर्मा ने बताया था कि कटनी जंक्शन स्टेशन पर डिप्टी एसएस के साथ आए एक रेल अफसर ने दिल्ली जाने के लिए उनकी बर्थ मांगी थी। चूंकि एसी कोच फुल थे, इस कारण उन्होंने सीट देने में असमर्थता जाहिर की। ट्रेन के झांसी आने से पहले कंट्रोल संदेश आया, जिसमें कोच कंडक्टर राजेश विश्वकर्मा के कैश की जांच करने को कहा गया था।
जैसे ही ट्रेन झांसी आई चार आरपीएफ कर्मी अभद्रता कर उन्हें लेकर डिप्टी एसएस कार्यालय पहुंचे, जहां उनके कैश की जांच की गई। जांच में कैश दुरुस्त पाए जाने पर उन्हें छोड़ दिया गया। इस मामले में सीनियर डीसीएम दुर्गेश दुबे ने बताया कि विजिलेंस की सूचना पर कार्रवाई की गई थी। कुछ यात्रियों ने विजिलेंस से शिकायत की थी कि संबंधित कोच कंडक्टर लेनदेन कर रहे है। नियम के तहत ही कार्रवाई की गई।
उधर, कोच कंडक्टर ने जबलपुर पहुंचने के बाद मामले की जानकारी अपने अन्य साथियों को दी। जबलपुर के टिकट चेकिंग स्टाफ ने जांच को नियम के विरुद्ध मानते हुए झांसी में तैनात डिप्टी एसएस वाणिज्य व तैनात आरपीएफ के चार सिपाहियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए जबलपुर जीआरपी में तहरीर दी है। इसके अलावा रेलमंत्री से मुलाकात करने का निर्णय लिया है।