झांसी। बेरोजगारों को हुनरमंद बनाने को उन्हें व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस उद्देश्य को पूरा करने के लिए जिले में रूरल सेल्फ इंप्लायमेंट ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (आरएसईटीआई) की स्थापना होगी। इसके लिए जमीन का आवंटन हो गया है। भवन निर्माण पर आने वाला खर्च केंद्र सरकार वहन करेगी। जबकि, संस्थान का संचालन जिले के अग्रणी बैंक द्वारा किया जाएगा।
हुनरमंद लोगों को काम की तलाश में भटकना नहीं पड़ता है। उन्हें आसानी से काम मिल जाता है। बेरोजगारों को हुनरमंद बनाने को केंद्र व प्रदेश सरकार के संयुक्त प्रयासों से जिले में रूरल सेल्फ इंप्लायमेंट ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट की स्थापना की जा रही है। इसकी स्थापना के लिए प्रदेश सरकार द्वारा बिजौली में दो एकड़ जमीन उपलब्ध कराई गई है। जबकि, इसके भवन का निर्माण केंद्र सरकार द्वारा किया जाएगा।
जबकि, इसके संचालन की जिम्मेदारी जिले के अग्रणी बैंक पंजाब नेशनल बैंक पर होगी। इसके संचालन पर आने वाला खर्च पीएनबी द्वारा वहन किया जाएगा। बेरोजगारों को नि:शुल्क प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इसके अलावा उनके रहने व खाने की व्यवस्था भी नि:शुल्क की जाएगी।
ऋण लेना होगा आसान
आरएसईटीआई में प्रशिक्षण के उपरांत प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा। यह प्रमाण पत्र सभी बैंकों में मान्य होगा। प्रशिक्षण के बाद यदि कोई प्रशिक्षणार्थी स्वयं का व्यवसाय शुरू करना चाहेगा, तो उसे इसके लिए आसानी से बैंकों से ऋण मिल जाएगा।
फिलहाल किराये के भवन में चलेगा
स्वयं का भवन बनने से पूर्व आरएसईटीआई का संचालन किराये के भवन में किया जाएगा। इसकी तैयारियां पूरी कर ली गईं हैं। किराये पर भवन ले लिया गया है। पहला बैच जल्द प्रारंभ हो जाएगा। शुरूआत में बैंकों के बिजनेस करेस्पोंडेंट को बैंकिंग कार्यप्रणाली का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
आवश्यकतानुसार मिलेंगे प्रशिक्षण
आरएसईटीआई में बेरोजगारों को आवश्यकतानुसार प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। क्षेत्र के विभिन्न व्यवसायों में स्कोप व बेरोजगारों की उसमें रुचि को ध्यान में रखते हुए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। एक साथ कई प्रशिक्षण कार्यक्रम यहां संचालित करने की व्यवस्था रहेगी।
आरएसईटीआई के लिए दो एकड़ भूमि मिली है। भवन निर्माण केंद्र सरकार द्वारा कराया जाएगा। फिलहाल किराये के भवन में इसका संचालन शुरू किया जा रहा है। इसी सप्ताह बैंकों के बिजनेस करेस्पोंडेंट के लिए बैंकिंग का प्रशिक्षण शुरू किया जाएगा।
- एनके श्रीवास्तव, डायरेक्टर - आरएसईटीआई