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श्रीराम और भरत मिलन देख दर्शक हुए भावुक

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झांसी। सोमवार को श्रीरामलीला मंच सदर बाजार में दशरथ मरण, भरत मिलाप और अनुसुइया उपदेश की लीला का मंचन हुआ। श्रीराम और भरत जी के गले मिलते ही दर्शक भावुक हो गए। इधर बड़ा बाजार की रामलीला मंचन में हनुमान जी रावण की सोने की लंका का दहन कर देेेते हैं।
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सदर बाजार की राम लीला में राजा दशरथ पुत्र वियोग में अपने प्राण त्याग देते हैं। उनकी मृत्यु का समाचार जानकर वशिष्ठ मुनि भरत जी को बुलाते हैं, जो अपने ननिहाल में हैं। भरत, शत्रुघ्न दोनों भाई आते हैं और कैकई माता को अपने पिता की मृत्यु का कारण मानते हैं। भरतजी श्रीराम को मनाने चित्रकूट जाते हैं। भरतजी श्रीराम को वापस चलने के लिए निवेदन करते हैं। परंतु भगवान पिता के वचन को पूर्ण करने के लिए यह अस्वीकार कर देते हैं। भरतजी श्रीराम की खड़ाऊं लेकर वापस आते हैं और उनको सिंहासन पर रख कर स्वयं नंदीग्राम में एक कुटिया बनाकर साधु के समान अपना जीवन व्यतीत करने लगते हैं। इधर, श्रीराम 12 वर्षों तक चित्रकूट में निवास करते हैं और कई ऋ षियों से मिलते हैं। श्रीराम अत्रि मुनि के आश्रम में पहुंचते हैं जहां अनुसुइया माता जानकीजी को पतिव्रत धर्म का उपदेश देती हैं। मंचन अवसर पर विकास खत्री, नरेंद्र कौशिक, शांतनु पांडेय, धर्म सिंह, राजू मिश्रा, ऋ षभ यादव, राहुल यादव, रोहित गुप्ता मौजूद रहे।
इधर, बड़ा बाजार की रामलीला में शबरी की सलाह पर श्रीराम व लक्ष्मण सुग्रीव से मिलते हैं। सुग्रीव बताते हैं कि उनके भाई बाली ने उनका राज-पाट छीन लिया है। श्रीराम बाली का वध करते हैं। इसके बाद वानर सेना सीता जी की तलाश करती हैं। समुद्र के तट पर जटायु के भाई संपाति की सलाह पर हनुमान जी समुद्र पार कर लंका पहुंचते हैं। अशोक वाटिका में उन्हें सीता जी दिखती है। वह उन्हें श्रीराम की मुद्रिका देते हैं। इसके बाद मेघनाद से उनका युद्ध होता है। नागपाश से वह हनुमान जी को बंदी बना लेता है और रावण के दरबार में ले जाता है। रावण हनुमान जी की पूंछ में आग लगाने का आदेश देता है। पूंछ में आग लगने के बाद हनुमानजी लंका का दहन कर देते हैं। मंचन अवसर पर भरत राय, अरुण द्विवेदी, संजय दोसाज मौजूद रहे।
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धनुष भंग लीला का हुआ मंचन
बड़ागांव। बड़ागांव नवयुवक रामलीला समिति के तत्वावधान में चल रही रामलीला के चौथे दिन धनुष भंग की लीला का मंचन किया गया। हर साल नौ दिन लगातार चलने वाली बड़ागांव रामलीला के चौथे दिन की लीला नगर के लोगों के लिए महत्वपूर्ण होती है। इस दिन सीता स्वयंवर, धनुष यज्ञ सहित लक्ष्मण परशुराम संवाद की मुख्य लीला देखने के लिए भीड़ उमड़ती है। रामलीला में लक्ष्मण परशुराम संवाद में परशुराम जी का अभिनय करने वाले बृजेंद्र नारायण भार्गव और लक्ष्मण बने सिद्धार्थ तिवारी के अभिनय ने लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस दौरान क्षेत्रीय विधायक राजीव सिंह पारीछा पत्नी कमलीदेवी के साथ लीला देखने पहुंचे। उन्होंने राम विवाह के बाद राम-सीताजी के चरण पखारे। रामलीला में विदूषक राजा तथा हास्य कलाकार में संतोष शर्मा, मनीष दुबे, मोहित शर्मा, पुष्पेंद्र दुबे, गोपालजी झारखड़िया ने अभिनय किया। इस मौके पर कला निर्देशक संतोष रिछारिया, संतोष दुबे, साज सज्जा निर्देशक मुकेश दिगर्रा, सौरभ श्रीवास्तव, लीला व्यास श्याम बिहारी झारखड़िया समेत तमाम लोग मौजूद रहे। ब्यूरो
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