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बच्चे से बड़े तक हो रहे चिकन पॉक्स का शिकार, इससे फेफड़े तक में हो रहा संक्रमण

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झांसी। गर्मी में चिकन पॉक्स का हमला तेज हो गया है। रोजाना चार से पांच मरीज त्वचा रोग विशेषज्ञ के पास पहुंच रहे हैं। बच्चों का इलाज परिजन बाल रोग विशेषज्ञ से करा रहे हैं। कई मरीजों को इस बीमारी की वजह से फेफड़ों में संक्रमण तक हो रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि पहले ही दिन से इलाज कराएं तो स्थिति गंभीर नहीं होती है।
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चिकन पॉक्स के वायरस के संक्रमण से शरीर में खुजली, दाने और छाले हो जाते हैं। सीने, पीठ और चेहरे पर लाल दाने दिखाई देने लगते हैं। त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रतीक शिवहरे ने बताया कि चिकन पॉक्स वायरस का संक्रमण लगभग चार से सात दिन रहता है। दाने कई बार खुजली और फफोले में बदल जाते हैं। शरीर पर दाने उबरने से एक-दो दिन पहले बुखार, थकान, भूख में कमी और सिरदर्द आदि लक्षण पाए जाते हैं। मरीज पहले दिन से ही इस बीमारी का इलाज करा ले तो न तो चेहरे पर गड्ढे होंगे और न ही निशान छूटेंगे। इसके अलावा बुखार भी नहीं बढ़ेगा और मुंह के अंदर छाले से लेकर हाथ-पैर में दाने नहीं होंगे। अभी रोजाना पांच से छह मरीज चिकन पॉक्स के इलाज कराने के लिए आ रहे हैं। इनमें से कुछ लोगों के फेफड़ों में संक्रमण के अलावा खांसी भी हो रही है। वहीं, मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभागाध्यक्ष डॉ. ओमशंकर चौरसिया ने कहा कि जून में अब तक 10 से 12 बच्चे अस्पताल में चिकन पॉक्स की समस्या के साथ दिखाने के लिए आए हैं। इसकी वैक्सीन भी आती है। उसको लगाने के बाद ये बीमारी दूसरों को फैलने की आशंका बहुत कम हो जाती है।
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