भोपाल के रानी कमलापति स्टेशन से चलकर झांसी आ रही वंदे भारत एक्सप्रेस के एक कोच में सोमवार की सुबह करीब सात बजे बीना स्टेशन के पहले कल्हार स्टेशन के पास आग लग गई। आग कोच के नीचे बैटरी बॉक्स में लगी थी लेकिन कुछ ही देर में लपटों ने कोच घेर लिया। इससे अफरातफरी मच गई।
भागो-भागो। ट्रेन में आग लग गई है। इस शोरशराबे के बीच वंदेभारत एक्सप्रेस के सभी कोचों से पैसेंजर उतरने लगे। दहशत ऐसी थी कि तमाम लोग तो गेट से कूद पड़े। जल्दबाजी में तमाम यात्रियों ने अपना सामान तक कोच से नहीं उठाया। घटना के पांच घंटे बाद ट्रेन के झांसी पहुंचने पर भी यात्रियों के चेहरे पर दहशत साफ नजर आ रही थी।
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ट्रेन में सवार यात्रियों ने बताया कि कोच के नीचे से उठ रहीं आग की लपटों को देखकर लग रहा था कि वंदेभारत बर्निंग ट्रेन बन गई हो। भोपाल से अपनी पत्नी के साथ दिल्ली जा रहे बुजुर्ग कृष्णा ने बताया कि ट्रेन सुबह 5.40 बजे रानी कमलापति स्टेशन से झांसी के लिए रवाना हुई थी। कोच सी-14 में सभी यात्री इत्मीनान से बैठकर सफर का आनंद ले रहे थे।
करीब 118 किमी का सफर पूरा होने के बाद कल्हार स्टेशन के पास खिड़की की ओर बैठे यात्रियों ने कोच के नीचे से धुआं उठता देखा। पहले तो लगा कि पहिये और पटरी की रगड़ से धुआं उठा होगा, लेकिन पलभर में ही दोनों ओर से आग की लपटें उठने लगीं। इस पर कोच में चीखपुकार मच गई। यात्री गेट और दूसरे कोच की ओर भागने लगे।
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मध्य प्रदेश के रीवा की रहने वालीं अंकिता अकेले भोपाल से दिल्ली जा रहीं थीं। उन्होंने बताया कि कोच में आग की लपटें उठते ही सब लोग सीटों से उठकर भागने लगे। सी-14 कोच ट्रेन का आखिरी डिब्बा था, तो कुछ यात्री सबसे पहले गार्ड रूम की ओर दौड़े और गार्ड को आग लगने की सूचना दी।
इस दौरान ट्रेन 17 किमी का सफर तय कर चुकी थी और गार्ड ने ट्रेन को कुरवाई केथोरा स्टेशन पर रुकवा दिया। ट्रेन रुकते ही मिनट भर में पूरा कोच खाली हो गया। अन्य कोचों के यात्री भी गिरते-पड़ते ट्रेन से बाहर आ गए। किसी ने अपना सामान तक नहीं उठाया। आग बुझने के बाद भी लोग गाड़ी में दोबारा चढ़ने से हिचकिचा रहे थे। रेलवे की टीम ने पूरी गाड़ी की जांच की और यात्रियों को भरोसा दिया कि अब गाड़ी सुरक्षित है। इसके बाद यात्री गाड़ी में सवार हुए।
कोच के प्रेशर कुकर बन जाने का था खतरा
भोपाल में रहने वाली अपनी मौसी के यहां से दिल्ली वापस जा रहीं दिव्यांशी ने बताया कि कोच के सभी खिड़की-दरवाजे बंद थे। दरवाजों को अपने आप खोला भी नहीं जा सकता था। ऐसे में आग लगने के बाद कोच के प्रेशर कुकर बन जाने का खतरा सताने लगा था। गनीमत रही कि समय रहते रेलवे ने गाड़ी को रोककर कोच के दरवाजे खोल दिए। आपाधापी में सभी यात्री कोच से बाहर आकर खड़े हो गए।
मोबाइल न लगने से परिजन हुए परेशान
वंदे भारत में आग लगने की खबर कुछ ही देर बाद सोशल मीडिया पर चलने लगी थी। इससे सबसे ज्यादा परेशान गाड़ी में सवार यात्रियों के परिजन हो उठे। हाल-चाल पूछने के लिए लोगों ने फोन करने शुरू कर दिए, लेकिन कुरवाई केथोरा में मोबाइल नेटवर्क सही ढंग से काम नहीं कर रहा था। इससे लोगों के फोन लग नहीं रहे थे। इससे परेशान होकर लोगों ने रेलवे के कंट्रोल रूम पर फोन करना शुरू कर दिया। यहां से हादसे में किसी भी तरह की जनहानि न होने की जानकारी होने पर सभी ने राहत की सांस ली।
भोपाल से झांसी आ रही वंदे भारत एक्सप्रेस के कोच में लगी आग, दो घंटे प्रभावित रहा रूट
भोपाल के रानी कमलापति स्टेशन से चलकर झांसी आ रही वंदे भारत एक्सप्रेस के एक कोच में सोमवार की सुबह करीब सात बजे बीना स्टेशन के पहले कल्हार स्टेशन के पास आग लग गई। आग कोच के नीचे बैटरी बॉक्स में लगी थी लेकिन कुछ ही देर में लपटों ने कोच घेर लिया। इससे अफरातफरी मच गई।
तत्काल गाड़ी को कुरवाई केथोरा स्टेशन के पास रोककर सभी यात्रियों को नीचे उतारा गया और आसपास के लोग और दमकल की मदद से तकरीबन 48 मिनट में आग पर काबू पाया। इससे दो घंटे तक झांसी-भोपाल रूट प्रभावित रहा। इस हादसे के कारण सुबह को 8-48 पर झांसी आने वाली वंदेभारत एक्सप्रेस दोपहर को 12-30 पर पहुंची। यहां चार मिनट के ठहराव के बाद इसे हजरत निजामुद्दीन के लिए रवाना कर दिया गया।