झांसी। लावारिस मिले और मुकदमों में शामिल लाखों रुपये के वाहन जिले के थानों में खडे़-खडे़ कबाड़ हो चुके हैं। अरसे से नीलामी न होने के कारण 25 थानों में साढ़े हजार से अधिक वाहन खड़े होकर कंडम हो चुके हैं। आलम यह है कि इन वाहनों के कलपुर्जें तक गायब हो चुके हैं। किसी का पहिया नहीं है तो किसी का इंजन गायब है। नीलामी में इन गाड़ियों के बेहतर दाम मिलना मुश्किल होगा।
जिले में कुल 26 थाने हैं, इनमें महिला थाना छोड़कर सभी थानों में लंबे समय से छोटे व बड़े वाहन पुलिस की अभिरक्षा में खडे़ हैं। शहर के कोतवाली, सीपरी बाजार, नवाबाद सदर बाजार व प्रेमनगर में वाहनों का अंबार लगा हुआ है। इन सभी थानों में करीब चार साढ़े हजार से अधिक वाहन गर्मी, बारिश, सर्दी झेलते हुए कबाड़ का रूप ले चुके हैं। थाना परिसर में लंबे समय से गाड़ियों के खड़े रहने से उनकी सुरक्षा भी पुलिस के लिए सिरदर्द साबित हो रहा है। थाना परिसर के में खड़ी गाड़ियों के पुर्जे भी हो गायब हो चुके हैं। इसकी वजह से पुलिस को भी कई बार दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
अतिक्रमण की भी वजह बन रहे वाहन
कोतवाली को मॉडर्न थाने के रूप में विकसित किया गया है। इसके बाद भी परिसर में गाड़ियों की संख्या अधिक होने की वजह से काफी जगह घिरी हुई है। इसके अलावा नवाबाद परिसर में जगह न होने से ट्रक तक सड़क पर खड़े हुए हैं। यही हालात कई थानों के हो चुके हैं। सड़क पर गाड़ियां खड़ी रहने से जहां आने जाने वालों को दिक्कतें होती हैं। वहीं, अतिक्रमण की वजह से कई बार जाम भी लगता है।
छह माह बाद नीलामी का है नियम
लावारिस दाखिल किए गए वाहन या किसी भी मुकदमे से जुड़े वाहन के बारे में पुलिस को छह माह के भीतर उसके मालिक को नोटिस भेजनी होती है। अगर उसके बाद भी वह गाड़ी लेने नहीं आता है या उसे कोर्ट से रिलीज करवाने की प्रक्रिया नहीं शुरू करता है तो उसे कोर्ट से अनुमति लेकर आरटीओ की मदद से पुलिस नीलाम करवा सकती है। लेकिन, थानों में सालों से गाड़ियां खड़ी हैं। जब तक उनकी नीलामी की जाती है तब तक वाहन कबाड़ में तब्दील हो जाते हैं। इसकी वजह से उसकी कीमत भी काफी कम मिलती है।
इसीलिए नहीं हो पाता निस्तारण
पुलिस द्वारा बरामद किए गए अधिकांश वाहन चोरी के मामलों से संबंधित होते हैं। चोरी होने के बाद वाहन स्वामी की ओर से रिपोर्ट दर्ज करा दी जाती है। इसके बाद बरामदगी न होने पर पुलिस एफआर लगा देती है। वाहन स्वामी को बीमा कंपनी से भुगतान मिल जाता है। इसके चलते थानों में वाहनों की संख्या लगातार बढ़ती जाती है।
यहां खड़े हैं इतने वाहन
कोतवाली : 966 वाहन
नवाबाद : 779 वाहन
सदर बाजार : 432
सीपरी बाजार : 611
प्रेमनगर : 566
सभी थानेदारों को वाहनों की नीलामी के लिए निर्देश दिए गए हैं। इसकी रिपोर्ट भी थाना स्तर पर मांगी गई है। जल्द ही नीलामी की प्रक्रिया कराई जाएगी।
विवेक कुमार त्रिपाठी, एसपी सिटी