झांसी/ मऊरानीपुर। टीईटी पेपर आउट मामले में एसटीएफ ने मऊरानीपुर के गांधीगंज निवासी अनुराग (भैय्यू) एवं चंदू वर्मा को पकड़ा था। एसटीएफ ने दोनों के पास से पेपर की छायाप्रति बरामद की थी। इन दोनों से एसटीएफ पूछताछ में जुटी हुई है। मालूम चला है कि अनुराग ने चंदू की मदद से कई अभ्यर्थियों तक पेपर पहुंचाने का ठेका लिया था। परीक्षा शुरू होने के करीब 15 मिनट बाद अनुराग को यह पेपर हासिल हो गया। चंदू के पास से भी एसटीएफ ने पेपर बरामद किया है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि यह पेपर व्हाट्सएप के माध्यम से मऊरानीपुर में कुछ लोगों को भेजा गया। यहां इसे सॉल्व भी कराने की तैयारी थी। अब पुलिस इस पूरे रैकेट में शामिल लोगों की तलाश में जुटी है। पुलिस को अंदेशा है रैकेट संचालित करने वालों के तार सीधे यहां से जुड़े हैं। इस मामले में रसूखदार लोगों के भी शामिल होने की एसटीएफ को आशंका है। दोनों आरोपियों से पूछताछ के बाद एसटीएफ के यहां आने की संभावना है। उधर, मऊरानीपुर के दो युवकों के सॉल्वर गैंग के साथ पकड़े जाने की खबर के बाद पूरे इलाके में हड़कंप है। अनुराग के पिता अरूण देश संगीत के शिक्षक हैं जबकि उसकी मां रिटायर्ड नर्स हैं। अनुराग के बारे में मालूम चला कि उसने लखनऊ से डिप्लोमा किया है। पिछले साल लॉकडॉउन के बाद वह यहां वापस लौट आया था जबकि चंदू उनके घर में सहायक का काम करता है।
मेरा बेटा ऐसा काम नहीं कर सकता
टीईटी पेपर आउट मामले में अनुराग का नाम सामने आने के बाद से उसके परिजन भी अवाक हैं। उसकी मां सिया को इस बात पर यकीन ही नहीं हो रहा है। मां सिया का कहना है कि उनका लड़का पूरी तरह निर्दोष है। उसे कुछ लोगों ने जानबूझकर फंसाने का काम किया है। उन्होंने साफ तौर पर कहा इस कांड के पीछे का मास्टरमाइंड कोई और है। उन्होंने बताया कि अनुराग को कुछ लोगों ने शनिवार को ओरछा ले जाने की बात कहकर अपने साथ लेकर गए थे। उसके साथ चंदू भी गया हुआ था। उसके बाद वह दोनों वापस नहीं लौटे। दोपहर को उनकी गिरफ्तारी की खबर आई। मां बार-बार बस यही बात कहती रहीं कि उनका बेटा ऐसा काम नहीं कर सकता है।