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फूट-फूटकर रोए परीक्षार्थी, ओएमआर शीट देने को तैयार नहीं थे तो छीननी पड़ी

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up tet cancelled, students weep - फोटो : REPORTERS
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झांसी। यूपी-टीईटी निरस्त होने पर कई केंद्रों के परीक्षार्थियों फूट-फूटकर रोने लगे। छात्र कहने लगे कि उनका तो सब कुछ बर्बाद हो गया। अब पता नहीं कब उन्हें परीक्षा देने का मौका मिलेगा। कई छात्र तो परीक्षा देने की जिद पर ही अड़े रहे। वह ओएमआर शीट देने तक के लिए तैयार नहीं थे। ऐसे में कक्ष निरीक्षकों को छीनकर ओएमआर शीट लेनी पड़ी।
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झांसी में 31990 परीक्षार्थियों की रविवार को परीक्षा होनी थी। इसके लिए 44 केंद्र बनाए गए थे। सुबह दस से दोपहर साढ़े बारह बजे की पहली पाली की परीक्षा शुरू हुई। परीक्षार्थियों को ओएमआर शीट और पेपर भी बांट दिया गया। मगर जैसे ही पेपर लीक होने की जानकारी मिली तो परीक्षा निरस्त कर दी गई। कक्ष निरीक्षकों ने परीक्षार्थियों को इसकी सूचना दी तो छात्र विरोध दर्ज कराने लगे। वहीं, कई छात्र फूट-फूटकर रोने लगे। साथी छात्रों और परिजनों ने उन्हें किसी तरह संभाला। परीक्षार्थी कह रहे थे जहां पेपर लीक हुआ है, वहां की परीक्षा निरस्त की जाए। महीनों की मेहनत, लंबा सफर करने के बाद परीक्षा देने का मौका मिला है, इसलिए वे पेपर देंगे। कई परीक्षार्थी कक्ष निरीक्षकों को ओएमआर शीट देने के लिए तैयार ही नहीं हुए। ऐसे में ओएमआर शीट छीनकर लेनी पड़ी। वहीं, परीक्षा निरस्त होने की जानकारी होने पर कुछ केंद्रों में भगदड़ सी मच गई।
ट्रेन के लिए दस-दस घंटे किया इंतजार
घर लौटने के लिए परीक्षार्थियों की भीड़ बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन पर पहुंची। इससे वहां भी अफरा-तफरी का माहौल हो गया। वहीं, भोपाल, ग्वालियर समेत बाहर से आए परीक्षार्थियों ने लौटने के लिए पहले से ट्रेन का रिजर्वेशन करा रखा था। ऐसे में उन्हें 10-10 घंटे स्टेशन पर ट्रेन का इंतजार करना पड़ा।
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कोई पिता तो कोई भाई को साथ लाया
परीक्षार्थियों को केंद्र के अंदर मोबाइल और सामान ले जाने की इजाजत नहीं थी। ऐसे में कई परीक्षार्थी पिता, भाई को साथ लेकर आए थे। केंद्रों के बाहर परीक्षार्थियों के परिजन सामान लेकर बाहर खड़े रहे। परिजनों को भी परीक्षा नहीं होने से निराशा हुई।
कोचिंग पर खर्च किए हजारों, अब करनी होगी दोबारा मेहनत
झांसी। टीईटी की प्राथमिक स्तर की परीक्षा देने आए अभ्यर्थियों ने बताया कि प्रश्नपत्र के सभी पांचों खंड बाल विकास, हिंदी, ऐच्छिक विषय संस्कृत/ उर्दू/ अंग्रेजी, गणित और पर्यावरण से जुड़े सवाल काफी आसान थे। तैयारी भी काफी अच्छी थी। परीक्षा निरस्त होने पर कई अभ्यर्थियों ने दोबारा आने में असमर्थता जताई। अभ्यर्थियों ने बताया कि हजारों रुपये खर्च कर कोचिंग की थी। अब तैयारी के लिए दोबारा खर्च करना पड़ेगा।
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परीक्षार्थियों ने सुनाया दुखड़ा
शनिवार शाम साढ़े छह बजे सूरत से झांसी पहुंची थी। तैयारी अच्छी थी। सारी मेहनत पर पानी फिर गया।
- जमुना देवी, सूरत
एक वर्ष से कोचिंग में तैयारी कर रही थी। मायूस हो गई। दोबारा तैयारी के लिए फिर से छह हजार रुपये खर्च करने पड़ेंगे।
निम्मी, पृथ्वीपुर, निवाड़ी
परीक्षा देने के लिए दो दिन पहले मायके में सागर आई थी। परिस्थिति ऐसी है कि एक माह में परीक्षा होगी तो दे सकना मुश्किल है।
- शालिनी तिवारी, उज्जैन
छह महीने कोचिंग करने के बाद रविवार को परीक्षा देने के लिए आया था। साथ में फोन, सामान के लिए भाई को साथ लाया था। रात आठ बजे का ट्रेन से लौटने का रिजर्र्वेशन था। 10 घंटे से स्टेशन पर ही हूं। - अवनीश दोहरे, ग्वालियर।
2019 में भर्ती निकली थी, जिसकी परीक्षा दो साल बाद हुई। पेपर लीक होने के बाद परीक्षा निरस्त होने से बेवजह की भागदौड़ हो गई। बहुत निराशा हुई है। पता नहीं अब फिर कब परीक्षा देने का मौका मिलेगा। - अजिंक्य पागे, ग्वालियर।
300 किलोमीटर दूर से पेपर देने के लिए झांसी आया हूं। परीक्षा शुरू होते ही पता चला कि निरस्त हो गई है। कई छात्र तो ओएमआर शीट देने के लिए भी तैयार नहीं थे। कक्ष निरीक्षक को शीट छीननी पड़ी। - वशिष्ठ यादव, भोपाल।
अपनी बहन के साथ परीक्षा देने आई थी। साथ में पिता भी आए थे। परीक्षा निरस्त होने से समय और मेहनत दोनों बर्बाद हुए। केंद्र पर जैसे ही ये सूचना दी गई तो भगदड़ सी मच गई थी। हर कोई परेशान था। - सोनम राजपूत, भोपाल।
ऐसे परीक्षा निरस्त होती रहेगी तो छात्रों को भविष्य अंधकार में रहेगा। पहले से ही परीक्षा में गड़बड़ी का अंदेशा जताया जा रहा था, इसके बावजूद इसे रोका नहीं जा सका। ये सिस्टम की नाकामी है। - अर्चना, कोतवाली क्षेत्र।
परीक्षा निरस्त होने से बहुत झटका लगा है। एक तो डेढ़ साल बाद परीक्षा देने का मौका मिला और वो निरस्त हो गई। सरकार दोषियों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई करे कि भविष्य में गड़बड़ी करने वालों की रूह कांप जाए। - हेमा वर्मा, तालपुरा।
मेरे कई जान-पहचान वाले बाहर से परीक्षा देने के लिए आए थे। उनका शाम की ट्रेन का रिजर्वेशन भी था। मगर जब परीक्षा निरस्त हुई तो कई लोग जनरल कोच में चढ़कर धक्के खाते हुए घर लौटे। - प्रशांत गौतमी, गोविंद चौराहा।
परीक्षा निरस्त होने से उम्मीदों पर पानी फिर गया है। परीक्षा की तैयारी करने में दिन-रात लगा दिए। अभी भी यकीन नहीं हो पा रहा है। पूरे प्रदेश में रद्द न करके जहां पेपर लीक हुआ था, वहां निरस्त होनी चाहिए थी। - विनीता प्रजापति, दतिया।

झांसी: बुंदेलखंड विवि के परीक्षा भवन पर यूपी टीईटी निरस्त होने के बाद लगी परीक्षार्थियों की भीड़- फोटो : REPORTERS

झांसी: बुंदेलखंड विवि के परीक्षा भवन पर यूपी टीईटी निरस्त होने के बाद लगी परीक्षार्थियों की भीड़- फोटो : REPORTERS

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