झांसी। उत्तर प्रदेश व मध्य प्रदेश के छह और मरीज डेंगू का शिकार हो गए हैं। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में सभी मरीजों का चिकित्सकों की विशेष निगरानी में इलाज चल रहा है। मरीजों में एक मेडिकल कॉलेज की जूनियर डॉक्टर भी शामिल है।
झांसी समेत आसपास के जनपदों में डेंगू दिनोंदिन अपने पांव पसारता जा रहा है। बीते कुछ दिनों से रोजाना तीन से चार मरीजों में डेंगू की पुष्टि हो रही है। हालांकि अभी भी डेंगू का असर झांसी में न होकर सटे मध्यप्रदेश के जनपदों में अधिक है। रविवार को डेंगू की शिकायत पर करीब आधा दर्जन से अधिक मरीजों को रैपिड कार्ड से जांच के बाद भर्ती कर लिया गया था। इसके बाद मरीजों का सैंपल के जरिए एलाइजा टेस्ट भी किया गया। सोमवार को मेडिकल कॉलेज प्रशासन की ओर से मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में उपलब्ध कराई गई लिस्ट में आधा दर्जन मरीजों में डेंगू की पुष्टि होने की बात सामने आई है। सीएमओ डॉ. विनोद कुमार यादव के मुताबिक डेंगू का शिकार होने वाले मरीजों में पुखरायां (यूपी) की लक्ष्मी, कटेरा (एमपी) की शांति, टीकमगढ़ (एमपी) की ममता कुशवाहा, दतिया (एमपी) के विष्णु प्रताप, कटीला (एमपी) की प्रहलाद तिवारी शामिल हैं। इसके अलावा पीजी हॉस्टल में रहने वाली जूनियर डॉक्टर भी डेंगू का शिकार हो गई है। सीएमओ का कहना है कि झांसी में अभी भयभीत होने वाली स्थिति नहीं है।
कॉलेज परिसर में झाड़ियां बन रहीं मच्छरों की पनाहगाहमेडिकल कॉलेज परिसर में काफी झाड़, झंकाड़ हैं। ऐसे में मच्छरों व कीड़ों को पनपने का मौका मिल जाता है। हॉस्टल में रहने वाले जूनियर डॉक्टरों के कमरों के आसपास भी झाड़ियां होने से वह डेंगू का शिकार हो रहे हैं। इस मामले में जब कार्यवाहक प्राचार्य डॉ. एनएस सेंगर से बात की गई तो उन्होंने कहा कि परिसर में फॉगिंग कराई जा रही है।