राज्यमंत्री ने कहा कि शादी स्थल पर ही विवाह का पंजीकरण कराने पर विचार किया जा रहा है। नियम बनने के बाद अभिभावकों को पहले से विभाग को शादी के संबंध में जानकारी देनी होगी। जरूरी कागजात भी जमा करने पड़ेंगे। इसके बाद विभागीय टीम शादी स्थल पर पहुंचकर प्रोवीजनल प्रमाणपत्र जारी करेगी।
एक साल बाद मूल प्रमाणपत्र मिलेगा। स्टांप चोरी की घटनाओं पर उन्होंने कहा कि स्टांप शुल्क ड्यूटी छह फीसदी बढ़ी है। डीएम को पांच और एडीएम को 25 बैनामों की क्रास जांच करनी होती है। इसकी पड़ताल कराई जा रही है कि किस अधिकारी ने कितनी जांच की।