झांसी। जिले में यातायात पुलिसकर्मियों की कमी के कारण वर्तमान में महानगर की यातायात व्यवस्था अप्रशिक्षित होमगार्डों के हवाले है। लंबे समय से इन होमगार्डों को प्रशिक्षण नहीं मिलने से लोगों को यातायात नियमों का पालन कराने में होमगार्डों को दिक्क्तों का सामना करना पड़ रहा है।
महानगर में हर चौराहा पर जाम की स्थिति आए दिन बनी रहती है। इसकी मुख्य वजह यातायात नियमों का पूरी तरह से पालन न होना है। यातायात व्यवस्था बनाने की जिम्मेदारी यातायात पुलिस की है। लेकिन यातायात पुलिसकर्मियों की कमी के कारण होमगार्ड ही व्यवस्थाएं संभाल रहे हैं। जिले में करीब 1230 होमगार्ड तैनात हैं। इनमें करीब 100 यातायात व्यवस्था में लगे हुए हैं। लेकिन, लंबे समय से होमगार्डों को अब तक प्रशिक्षण नहीं मिला। इससे होमगार्ड यातायात नियमों का पालन बेहतर तरीके से नहीं करा पा रहे हैं। उधर, जिले मेें भी यातायात कर्मियों की कमी है।
दो शिफ्ट में लगती होमगार्ड की ड्यूटी
यातायात संचालन के लिए करीब 100 होमगार्डों की ड्यूटी दो शिफ्ट में आठ-आठ घंटे की लगाई जाती है। एक बार में आधे यानी पचास होमगार्ड ही ड्यूटी पर रहते हैं। इनमें से कभी कभी तो कई होमगार्ड छुट्टी पर चले जाते हैं। इनमें से चार होमगार्ड की ड्यूटी दो शिफ्ट के लिए बाईपास पर भी लगाए जाती है।
इन स्थानों पर रहती है ड्यूटी
यातायात व्यवस्था संभालने के लिए होमगार्डों को इलाइट चौराहा, जेल चौराहा, बस स्टैंड, कानपुर चुंगी, सीपरी बाजार ओवरब्रिज, मानिक चौक, सदर बाजार में भी लगाया जाता है। वीआईपी आगमन पर भी इनको अलग-अलग स्थानों पर मुस्तैद किया जाता है।
यातायात पुलिसकर्मियों की स्थिति
नाम स्थिति जरूरत
यातायात प्रभारी 1 2
एचसीपी 2 10
हेड कांस्टेबल 7 20
कांस्टेबल 15 25
पीआरडी 40 80
होमगार्ड - 50 (दो शिफ्ट के लिए) 150 से अधिक
महानगर में कई स्थानों पर होमगार्ड यातायात व्यवस्था संभालते हैं। होमगार्डों को समय-समय पर प्रशिक्षण दिलाया जाता है। सभी को यातायात संबंधी तौर तरीके सिखाए जाते हैं। प्रशिक्षण को लेकर होमगार्ड विभाग इनकी ट्रेनिंग कराता है। इसके बारे में होमगार्ड अफसरों से वार्ता की जाएगी। विवेक त्रिपाठी, एसपी सिटी