झांसी। प्रांतीय रक्षक दल (पीआरडी) के जवान वर्दी तो खाकी पहनते हैं, पर सम्मान और पहचान उनकी वही प्राइवेट सुरक्षा कर्मी वाली है। हाथों में पुलिस की तरह डंडा या राइफल पर चेहरे पर मायूसी और बेबसी साफ दिखाई देती है। रोस्टर के तहत ड्यूटी करने वाले पीआरडी जवानों को साल में छह माह के रोजगार में ही संतोष करना पड़ता है।
जनपद झांसी के युवा कल्याण विभाग के साथ ही प्रांतीय रक्षक दल (पीआरडी) का संयुक्त कार्यालय विकास भवन में स्थित है। यहां अधिकारियों और बाबुओं की एक टीम बैठती है। कार्यालय में वर्तमान में कुल 842 जवान पंजीकृत हैं, इनमें 820 पुरुष एवं 22 महिलाएं हैं। इनको क्रमबद्ध तरीके से रोस्टर के तहत रोजगार दिया जाता है।
शासन की ओर से प्रत्येक जवान को प्रतिदिन की ड्यूटी का 200 रुपये मानदेय दिया जा रहा है। मानदेय बढ़ाने के लिए कई बार शासन की ओर से हरी झंडी मिली, मगर फाइलें टेबिलों पर अटक कर रह र्गइं। रोस्टर के अनुसार वर्तमान में 300 जवान विभिन्न स्थानों पर ड्यूटी कर रहे हैं। इनमें सरकारी व अर्द्ध शासकीय कार्यालय शामिल हैं। सरकारी अधिकारियों के साथ सुरक्षा कर्मी के रूप में एवं बंगलों पर भी सुरक्षा के लिए इनकी तैनाती की गई है।
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यहां तैनात है पीआरडी जवान
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क्रम विभाग संख्या
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1. ग्रासलैंड 50
2. छावनी परिषद झांसी 39
3. छावनी परिषद बबीना 24
4. यूपी एग्रो 03
5. विद्युत विभाग 11
6. बीएसएनएल 14
7. जिला सहकारी बैंक 04
8. जेडीए 23
9. अन्य विभागों/स्थानों पर 168
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कुल तैनात जवान 300
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‘सभी सरकारी व अर्र्द्ध शासकीय विभाग भी यदि पीआरडी की सेवाएं लेने लगें, तो निश्चित ही सभी पंजीकृत जवानों को साल में शत-प्रतिशत रोजगार मिलने लगेगा। इससे न सिर्फ जवानों में उत्साह का संचार होगा, बल्कि उनमें आत्मविश्वास भी जागेगा।’
धर्मेंद्र कुमार
जिला युवा कल्याण अधिकारी