संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। गालीगलौज कर जान से मारने की धमकी देने और पत्थरों से हमला कर घायल करने के मामले में एक दोषी को सजा सुनाई गई है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने दो वर्ष के कारावास की सजा सुनाते हुए 5500 रुपये अर्थदंड भी लगाया।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, मोहल्ला गांधीगंज निवासी संतोष कुशवाहा ने थाना मऊरानीपुर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि दो नवंबर 2017 की शाम मनीष दीक्षित मुहल्लेवासियों को गालियां देते हुए जान से मारने की धमकी दे रहा था। वादी की मां प्रेम कुमारी ने गालियां देने का कारण पूछा तो मनीष व उसकी मां आशारानी उत्तेजित होकर अपने मकान की दो मंजिला छत पर चढ़कर जान से मारने देते हुए ईंट-पत्थर फेंककर मारने लगे। इससे वादी की मां घायल हो गई।
लोग भयभीत होकर अपने घर की ओर भागने और छिपने लगे। सूचना पाकर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। घायल मां को वादी ने अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर विवेचना के बाद अभियुक्त मनीष दीक्षित के विरुद्ध आरोपपत्र न्यायालय में प्रेषित किया। साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने अभियुक्त मनीष दीक्षित को दोषी पाते हुए सजा सुनाई।
प्राणघातक हमले में किया दोषमुक्त
शासकीय अधिवक्ता तेज सिंह गौर ने बताया कि वादी की ओर से थाना मऊरानीपुर में मां-बेटे के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। विवेचना के बाद पुलिस ने अभियुक्त मनीष दीक्षित के खिलाफ आरोपपत्र न्यायालय में पेश किया था। अभियुक्त को विभिन्न आरोपों में दोषी पाए जाने पर सजा सुनाई गई। जबकि प्राणघातक हमले का आरोप सिद्ध न होने पर दोषमुक्त कर दिया गया।