झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में वर्चस्व की लड़ाई में छात्रों के दो गुटों के बीच जमकर मारपीट हुई। इस वजह से कैंपस में करीब एक घंटे तक अफरातफरी का महौल रहा। दोनों गुटों में पथराव एवं मारपीट में तीन छात्र समेत गार्ड गंभीर रूप से घायल हो गए। इनको उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। घायल छात्रों की तहरीर पर नवाबाद पुलिस ने सात छात्रों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज करके उनकी तलाश शुरू कर दी है। उधर, बीयू प्रशासन ने भी कैंपस में दो छात्रों के प्रवेश पर रोक लगा दी।
शुक्रवार करीब सवा दस बजे इंजीनियरिंग का छात्र हिमांशु राय नो ड्यूस बनवाने विश्वविद्यालय गया था। उसी समय स्नातक कृषि का बैक पेपर देकर शिवम तिवारी, अभिषेक चौरसिया, मनीष राजपूत, विकास अपने कई साथियों के साथ बाहर निकल रहे थे। इनकी हिमांशु से पहले से तनातनी चल रही थी। हिमांशु को अकेला देख यह लोग उसे पकड़कर कृषि संस्थान के अंदर घसीट ले गए और उसे बुरी तरह पीटना शुरू कर दिया। हिमांशु के दोस्तों को यह बात मालूम चली तब वह भी कृषि संस्थान पहुंच गए। दोनों पक्षों के बीच पथराव होने लगा। देखते-देखते दोनों गुट के छात्र लाठी-डंडों के साथ भिड़ गए। वहां मौजूद दूसरे छात्रों मेें भगदड़ मच गई। मारपीट में हिमांशु, समरेंद्र समेत एक अन्य छात्र घायल हो गया। दो छात्रों के सिर फट गए जबकि एक का हाथ टूट गया। पथराव की चपेट में आने से वहां मौजूद गार्ड भी घायल हो गया।
पथराव एवं मारपीट की सूचना मिलने पर ही जैसे विश्वविद्यालय प्रबंधन मौके पर पहुंचा आरोपी छात्र मौके से भाग निकले। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। घायल समरेंद्र की तहरीर पर नवाबाद पुलिस ने शिवम, अभिषेक, मनीष, विकास, अमन, हिमांशु पाल, प्रिंस राजपूत समेत सात आरोपियों के खिलाफ धारा 307 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया। इंस्पेक्टर नवाबाद सुधाकर मिश्रा के मुताबिक दोनों गुटों के बीच पहले से तनातनी चल रही थी। आरोपियों की तलाश की जा रही है। वहीं, कुलानुशासक प्रो. आरके सैनी का कहना है कि दो आरोपी छात्रों की पहचान कर ली गई है। उनका प्रवेश कैंपस में प्रतिबंधित कर दिया गया है।