झांसी। जिला महिला अस्पताल में एक गर्भवती महिला इलाज के लिए अस्पताल के रैन बसेरे के सामने जमीन पर तड़पती रही। लेकिन अस्पताल में मौजूद चिकित्सक व कर्मचारियों ने महिला की कोई सुध नहीं ली थी। पूरी घटना को कैमरे में कैद कर वायरल किया गया था। सोमवार को अमर उजाला ने ‘इलाज के लिए तड़पती रही गर्भवती महिला’ शीर्षक के साथ खबर को प्रकाशित किया था। खबर प्रकाशित होते ही स्वास्थ्य विभाग व अस्पताल प्रबंधन हरकत में आया व पूरे प्रकरण की जांच के लिए दो सदस्यीय समिति का गठन किया गया है। जांच की अवधि तीन दिन तय की गई है।
जिला महिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. बीके दीक्षित ने बताया की अखबार में प्रकाशित खबर के माध्यम से जानकारी प्राप्त हुई है। इसे आधार मानते हुए पूरे प्रकरण की जांच कराई जा रही है। जांच समिति में महिला अस्पताल की वरिष्ठ परामार्शदाता डॉ. सुष्मा चंद्रा व डॉ. प्रियंका चौधरी को नामित किया गया है। दोनों ही चिकित्सकों को निष्पक्ष जांच करने के आदेश दिए गए हैं। प्रकरण की जांच के लिए तीन दिन की समय सीमा तय की गई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषी पाए गए चिकित्सक व कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।