संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। जनपद न्यायाधीश कमलेश कच्छल और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष शरद कुमार चौधरी के मार्गदर्शन में मध्यस्थता केंद्र में विवादों का निस्तारण किया जा रहा है। बृहस्पतिवार को दो वादों में समझौता कराया गया। इनमें एक वाद कमर्शियल तो दूसरा पारिवारिक न्यायालय से जुड़ा हुआ था।
बृहस्पतिवार को बृज किशोर बनाम बुगे इंडिया मामले में बृज किशोर ने बताया कि उन्होंने वाहन का बीमा कराया था। वाहन क्षति होने की स्थिति में उसने बुगे इंडिया से 50 हजार की क्लेम राशि मांगी थी। इस पर कंपनी रुपये देने के लिए तैयार नहीं थी। इस पर बृजकिशोर ने वाद दायर किया था। इसमें समझौते की गुुंजाइश पर मामला मध्यस्थता केंद्र में आया।
वहीं, दूसरा मामला पारिवारिक न्यायालय का सनी बनाम रेनू का था। इसमें रेनू ने पति पर मारपीट का आरोप लगाया था और दोनों तीन साल से अलग रह रहे थे। अलग होने पर रेनू ने भरण-पोषण पति से दिलाए जाने के लिए न्यायालय में अपील की थी। दोनों के वाद को चिह्नित कर उसे मध्यस्थता केंद्र में लाया गया। दोनों से संवाद स्थापित कर सुलह कराई गई। दोनों एक साथ रहने के लिए राजी भी हो गए। दोनों मामलों की मध्यस्थता पराविधिक कल्पनाथ सिंह और सपना गुप्ता ने की। मध्यस्थ अधिकारी अरविंद श्रीवास्तव रहे।
इस दौरान न्यायाधीश शरद कुमार चौधरी ने कहा कि मध्यस्थता केंद्र आपसी संवाद और विश्वास का ऐसा मंच है, जहां पक्षकार अपने विवादों का शांतिपूर्ण समाधान निकाल सकते हैं। हमारा संकल्प है कि अधिक से अधिक मामलों का सौहार्दपूर्ण निस्तारण हो, जिससे लोगों का न्याय व्यवस्था पर विश्वास और प्रगाढ़ बने।