झांसी। झांसी-खजुराहो हाईवे के मार्ग में आ रहे नौ स्कूलों को एनएचएआई द्वारा तोड़ दिया गया था। साथ ही तोड़े गए स्कूलों को दूसरी जगह बनाने के लिए धनराशि दे दी गई थी। लेकिन ढाई साल बाद भी नए स्कूलों का कुछ अता-पता नहीं है। इन स्कूलों में पढ़ने वाले 500 से अधिक बच्चे यहां वहां के स्कूलों में पढ़ने जाते हैं।
ढाई साल पहले शुरू हुए झांसी-खजुराहो हाईवे के मार्ग में बेसिक शिक्षा परिषद के नौ स्कूल भी आड़े आ रहे थे। जिनको एनएचएआई द्वारा तोड़ दिया गया। इन स्कूलों में 500 से अधिक बच्चे अध्ययनरत थे, जोकि स्कूल तोड़े जाने के बाद पढ़ने के लिए यहां-वहां के गांव के स्कूलों में पढ़ने जाते हैं। स्थिति यहां तक है कि कई बच्चों को दो-तीन किलोमीटर तक जाना पड़ता है। कुछ स्कूलों में तो चार स्कूलों के बच्चे बैठकर पढ़ने को मजबूर हैं। क्योंकि ढाई साल पहले तोड़े गए स्कूलों का निर्माण कार्य अब तक ठप पड़ा है।
पिछले ढाई साल से शिक्षा विभाग इन स्कूलों के निर्माण कार्य के नाम पर आंखें मूंदे बैठा है। हालांकि चर्चा में है कि एनएचएआई द्वारा तोड़े गए विद्यालयों के नए भवन निर्माण के लिए लगभग दस करोड़ की धनराशि विभाग को दी जा चुकी है। वहीं बीएसए वेदराम से इस विषय में पूछा तो उन्होंने बताया कि एनएचएआई द्वारा पूरी धनराशि विभाग को नहीं दी गई, जिसकी डिमांड उनसे की गई है। नए स्कूलों के निर्माण के लिए जमीन भी चिंह्ति की जा चुकी है। पूरी धनराशि मिलते ही कार्य शुरू करवाया जाएगा। बताया गया कि प्राथमिक विद्यालय कन्या सकरार, उच्च प्राथमिक विद्यालय कन्या सकरार, प्राथमिक विद्यालय जावन, उच्च प्राथमिक विद्यालय जावन, उच्च प्राथमिक विद्यालय भिटौरा, प्राथमिक विद्यालय घुराट, प्राथमिक विद्यालय कुंजा खिरक, प्राथमिक विद्यालय बंगरा तो तोड़ा गया था।
एक स्कूल में पढ़ रहे चार स्कूलों के बच्चों
रोहिताना सकरार कंपोजिट विद्यालय में प्राथमिक विद्यालय कन्या सकरार और उच्च प्राथमिक विद्यालय कन्या सकरार संचालित किया जाता है। इस स्कूल में 35 शिक्षक पढ़ाते हैं, साथ ही दो सौ से अधिक बच्चे इस स्कूल में पढ़ते हैं।