झांसी। बबीना क्षेत्र के लहर ठकरपुरा में जमीन पर रखा ट्रांसफार्मर हादसों को दावत देता नजर आ रहा है। वहीं 11 हजार वोल्ट का हाईटेंशन तार बल्ली के सहारे खींचा जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि बिजली विभाग की लापरवाही से कभी भी हादसा हो सकता है।
बिजली विभाग की तटस्थता कहें या जानबूझकर की जा रही लापरवाही कि 21 साल से लहर ठकरपुरा गांव में जो सप्लाई जा रही है उसका ट्रांसफार्मर दो दशक से जमीन पर रखा हुआ है। कभी उसकी सफाई नहीं की जाती है। यहां तक कि ट्रांसफार्मर को जोड़ने वाला 11 हजार वोल्ट का हाईटेंशन तार भी आज तक बल्लियों के सहारे खींचा गया है। लकड़ियों के खराब हो जाने पर विभाग उसे बदल दे रहा है लेकिन लोहे या सीमेंट का पोल नहीं लगा रहा है। खतरे के अंदेशे को देखते हुए ग्रामीणों ने कई बार इसकी शिकायत बिजली विभाग के अधिकारियों से की लेकिन विभाग उसे बदलने की नहीं सोच रहा है। लोगों की मानें तो विभाग को किसी बड़े हादसे का इंतजार है तभी वह इस ओर ध्यान देगा।
यह स्थिति वर्षों से देखते आ रहे हैं। करीब चार माह पूर्व ट्रांसफार्मर की जद में आकर तीन मवेशियों की मौत हो चुकी है फिर भी विभाग फाउंडेशन बनाने की सोच रहा है जबकि बिजली विभाग के अधिकारियों से कई बार शिकायत की जा चुकी है।
राघव
हम लोगों ने लाइनमैन से लेकर उच्चाधिकारियों तक इसकी जानकारी दी लेकिन हाईटेंशन तार को 20 वर्षों बाद भी लोहे या सीमेंट के पोल पर नहीं नसीब हुआ। आज तक बल्लियों के सहारे ही टंगा हुआ है।
अमित यादव
बिजली विभाग के अधिकारियों से लेकर जिला प्रशासन तक को इस समस्या से अवगत कराया जा चुका है लेकिन विभाग हाथ पर हाथ धरे बैठे है। कई बार हादसे भी हो चुके हैं। बावजूद इसके बिजली विभाग की तंद्रा नहीं टूट रही है।
सतीश यादव
वहां के लोगों ने कनेक्शन नहीं लिया होगा। कनेक्शन पंजीकृत रहने पर विभाग द्वारा बल्लियों के सहारे तार खींचे ही नहीं जाते। जेई को भेजकर मामले की जांच करवा ली जाएगी। विभागीय कमियां मिलने पर तत्काल पोल लगवा दिया जाएगा।
शैलेंद्र सिंह कटियार
अधिशासी अभियंता, झांसी