टूट रही हुक्मरानों की नींद, प्रबंध निदेशक ने दिए विद्युत कटौती न करने के आदेश
झांसी। बात चली है और दूर तलक पहुंची भी। मेडिकल कॉलेज में बिजली कटौती से होने वाली दिक्कतों पर हुक्मरानों की नींद टूटना शुरू हुई है। इस संबंध में दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के प्रबंध निदेशक ने विद्युत विभाग के अधिकारियों को मेडिकल कॉलेज में बिजली कटौती न करने के आदेश दिए हैं। बीते 24 घंटे में मेडिकल कॉलेज में सिर्फ पांच मिनट के लिए ही बिजली गई है। इसके अलावा 132 केवीए की लाइन में बार-बार फॉल्ट होने की जांच करने को भी कहा है।
जिला अस्पताल को स्वतंत्र फीडर मिला होने की वजह से यहां 24 घंटे निर्बाध विद्युत आपूर्ति मिलती है। जबकि, मेडिकल कॉलेज को बार-बार होने वाले फॉल्ट का दंश झेलना पड़ रहा है। बिजली चली जाने पर जेनरेटर से इमरजेंसी, आईसीयू में आपूर्ति दी जाती है। मगर वार्ड में कुछ पंखे चल पाते हैं और कुछ नहीं। इससे मरीजों को गर्मी से जूझना पड़ता है। इसके अलावा गाउन, कॉटन और औजारों का स्ट्रलाइजेशन नहीं हो पाता है। इससे ओटी में ऑपरेशन होने में विलंब हो जाता है। सबसे बड़ी समस्या रेडियोलॉजी विभाग की मशीनें खराब होने से उत्पन्न हो जाती है। मेडिकल कॉलेज को स्वतंत्र फीडर मिलने का मुद्दा अमर उजाला लगातार उठा रहा है। इसके बाद जिला स्तर से लेकर आलाधिकारी तक सतर्क हो गए हैं। मंगलवार को दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के प्रबंध निदेशक ने विद्युत विभाग के अधिकारियों को आदेश दिए हैं कि मेडिकल कॉलेज में 132 केवीए से विद्युत कटौती न की जाए। फॉल्ट या ट्रिप महीने में 10 से कम हों। इसी का परिणाम है कि बीते 24 घंटे में सिर्फ पांच मिनट के लिए ही मेडिकल कॉलेज की बिजली गई है, वो भी कॉलेज की तरफ से ही मंगलवार सुबह 11:32 पर शटडाउन लिया गया था। इसके अलावा प्रबंध निदेशक ने 132 केवीए से मारकुआं तक बार-बार होने वाले फॉल्ट की जांच के आदेश दिए।
विधायक ने भी की एमडी से बात
भाजपा विधायक जवाहर लाल राजपूत मंगलवार को ऊर्जा मंत्री से मिलने पहुंचे लेकिन वह मंत्रालय में नहीं थे। इस पर मंत्रालय के अधिकारियों ने विधायक की प्रबंध निदेशक से बात कराई। विधायक ने प्रबंध निदेशक से मेडिकल कॉलेज को स्वतंत्र फीडर की सुविधा मुहैया कराने की बात कही। इसके लिए जल्द प्रस्ताव तैयार करवाने को कहा। विधायक ने कहा कि वह शासन स्तर पर बात करके हर संभव बजट दिलवाएंगे।