झांसी। बुंदेलखंड राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज में मधुमेह (डायबिटीज) रोगियों के लिए तैयार किया गया हल्दी, गिलोय और आंवला के मिश्रण का चूर्ण रोगियों के इलाज में रामबाण साबित हो रहा है। यहां 100 से ज्यादा मरीजों पर अध्ययन चल रहा है। 20 प्रतिशत ऐसे मरीज जिनमें ब्लड शुगर लेवल शुरुआती स्तर पर था, उन्हें ढाई से तीन महीने तक चूर्ण का सेवन करने के बाद अब दवा खाने की जरूरत नहीं पड़ रही है। जिनका ब्लड शुगर लेवल 400 या इससे अधिक रहता था वो भी नियंत्रण में आ गया है।
आयुर्वेदिक कॉलेज में काय चिकित्सा विभाग के डॉ.सीबी सिंह ने बताया मधुमेह रोगियों को यह चूर्ण निशुल्क देकर उनके ब्लड शुगर लेवल पर शोध किया जा रहा है। अब तक शोध में नियमित चूर्ण का सेवन करने वाले मरीजों में सकारात्मक परिणाम आए हैं। अनियंत्रित शुगर लेवल वालों की बीमारी अब नियंत्रण में है। इन्हें खान पान पर ध्यान रखने व नियमित टहलने के निर्देश दिए गए हैं। यही नहीं, डायबिटीज से होने वाले दुष्प्रभाव जैसे कि आंख की रोशनी कमजोर होना, गुर्दों में दिक्कत, कब्ज की समस्या से भी राहत में मिली है। अगले चरण में शासन से अनुमति मिलने के बाद अन्य दवाओं से चूर्ण के फायदों की तुलना की जाएगी।
निदेशालय से आए निर्देश पर मधुमेह रोगियों के लिए चूर्ण तैयार किया गया है। दिन में दो बार तीन से पांच ग्राम चूर्ण का सेवन करना होता है। प्रत्येक 15 दिन में जांच रिपोर्ट के साथ मरीज को बुलाया जाता है। - डॉ. केदारनाथ यादव, प्राचार्य, बुंदेलखंड राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज।
हल्दी के ये भी लाभ
- खांसी में आराम।
- पेट दर्द में फायदा।
- बवासीर में लाभदायक।
- चर्म रोग में फायदेमंद।
- प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती।
आंवला के ये भी फायदे
- कैंसर से बचाव करता।
- अल्सर की रोकथाम करता।
- वजन कम करता।
- हाई ब्लड प्रेशर में लाभप्रद
- आंख की रोशनी बढ़ाने में कारगर।
गिलोय से इनमें भी आराम
- टीबी में लाभप्रद
- पीलिया में फायदेमंद।
- एसिडिटी में आराम।
- गठिया में फायदेमंद।
- लीवर विकार ठीक करता।