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बिजली अधिकारी व कर्मचारियों ने किया कार्य बहिष्कार

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झांसी। केंद्र सरकार की निजीकरण नीतियों के विरोध और कर्मचारियों की ज्वलंत समस्याओं को लेकर बुधवार को बिजली अधिकारी व कर्मचारी हड़ताल पर रहे। कार्य बहिष्कार के दौरान मुख्य अभियंता कार्यालय पर विरोध सभा हुई। वहीं, बिजली दफ्तरों में कामकाज नहीं होने के कारण उपभोक्ता अपनी समस्याओं का निस्तारण कराने के लिए परेशान रहे।
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विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर आयोजित सभा की अध्यक्षता कर रहीं अधिशासी अभियंता नेहा सिंह ने कहा कि निजीकरण का प्रयोग उड़ीसा, ग्रेटर नोएडा एवं आगरा में बुरी तरह फेल हो चुका है। इसके बाद भी केंद्र सरकार ने बिजली निजीकरण के लिए इलेक्ट्रिसिटी बिल 2021 एवं स्टैंडर्ड बिल्डिंग डॉक्यूमेंट जारी किया है, जिससे देश भर के बिजली कर्मचारियों में रोष है। एआईएफओपीडीई के राष्ट्रीय अध्यक्ष इंजीनियर आरके त्रिवेदी ने कहा कि केंद्र सरकार का निजीकरण प्रस्ताव कर्मचारी विरोधी है। इससे जनता को भारी नुकसान होगा। क्षेत्रीय सचिव चंद्रेश तोमर ने कहा कि जहां भी निजीकरण हो चुका है, वहां का करार तुरंत निरस्त होना चाहिए।
सभा में अधीक्षण अभियंता (ग्रामीण) इंजीनियर जेपीएन सिंह, श्रीराम गर्ग, अजय कपूर, अधिशासी अभियंता विनोद जायसवाल, एके माथुर, अनुभव कुमार, दिनेश यादवेंदु, सहायक अभियंता शोभित दीक्षित, सुनील, महेश चंद्र, पुनीत, चारु यादव, पूजा राजपूत, मुकेश चौरसिया, कन्हैयालाल, अवर अभियंता संजीव प्रभाकर, अमित सक्सेना, सुनील कुमार, रोहित कुशवाहा, एमएम सिद्दीकी, दीपा, सुमन, दिग्विजय सिंह, सदागुरु, सुमंत चतुर्वेदी, नीतिश श्रीवास्तव मौजूद रहे। संचालन राम अवतार ने किया।
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