झांसी। मोंठ में पांच साल से बनकर तैयार खड़ा ट्रामा सेंटर जल्द शुरू हो सकता है। दो ऑर्थोपेडिक सर्जन की तैनाती होने के बाद अब यहां एक एनेस्थीसिया के डॉक्टर को भी भेजा गया है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी ने मशीनें मंगवाने की कवायद शुरू कर दी है।
हाइवे के पास होने की वजह से मोंठ सीएचसी में दुर्घटना के कई मामले आते हैं। इसके मद्देनजर सीएचसी परिसर में ही ट्रामा सेंटर खोलने की मंजूरी दी गई। पौने तीन करोड़ रुपये से वर्ष 2017 में ट्रामा सेंटर बनकर तैयार भी हो गया। मगर स्टाफ की नियुक्ति और संसाधन न होने की वजह से पांच सालों से ये शुरू नहीं हो पाया है। ऐसे में सीएचसी में दुर्घटना में घायल होने वाली मरीजों को मरहम पट्टी करने के बाद झांसी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया जाता है। जो कि 50 किलोमीटर दूर है और रोगी को आने में एक घंटा लग जाता है। कुछ समय पहले यहां पर दो आर्थोपेडिक सर्जन की तैनाती कर दी थी। अब जिला अस्पताल के एनेस्थीसिया के डॉक्टर केके जैन को मोंठ ट्रामा सेंटर में तैनाती दे दी गई है। इसलिए डॉक्टरों की कमी लगभग पूरी हो गई है। अब कर्मचारियों और मशीनों की जरूरत है। सीएमओ डॉ. सुधाकर पांडेय ने बताया कि शासन को मशीनें उपलब्ध कराने के लिए पत्र लिखा जा रहा है। मशीनें आते ही स्टाफ की भी तैनाती कर दी जाएगी। जल्द ही ट्रामा सेंटर शुरू हो जाएगा।