संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। शहर कों या कस्बे, हर जगह ई-रिक्शा चल रहे हैं। सड़क पर बेतरतीब खड़ा होने से जाम तो लगता ही है, हादसों की मुख्य वजह भी बन रहे हैं। हाल यह है कि जिले में करीब 10 हजार से अधिक ई-रिक्शा दौड़ रहे हैं लेकिन परिवहन विभाग में सिर्फ 3,979 ई रिक्शा पंजीकृत हैं।
पिछले कुछ सालों मेें ई-रिक्शा की संख्या में बेहताशा वृद्धि हुई है। न कोई रूट, न ही परमिट। जिधर देखिए, सड़कों पर ई-रिक्शा दौड़ रहे हैं। शहर के चौराहों से लेकर गांवों में यह बेतरतीब तरीके से दौड़ रहे हैं। जिले में ई-रिक्शा बेचने वाले डीलर एजेंसी 95 हैं, जो परिवहन विभाग के रिकार्ड में पंजीकृत है। ई रिक्शा संचालन के लिए सरकार की तरफ से कई प्रकार की छूट दी गई है। इन्हें न तो किसी भी तरह का कोई परमिट बनवाना है, न ही सड़क पर चलने के लिए टैक्स देना है। इन्हें सिर्फ परिवहन विभाग में पंजीयन कराना होता है, लेकिन कई ई रिक्शा मालिक वह भी नहीं करा रहे हैं। सड़क पर अवैध रूप अथवा बगैर पंजीयन संचालित ई रिक्शा के खिलाफ कार्रवाई भी तय है। ऐसे में पकड़े जाने पर 5 हजार रुपये जुर्माना तय है।
अभियान के पहले दिन 28 वाहनों पर कार्रवाई
ई-रिक्शा के खिलाफ परिवहन विभाग ने एक से 30 अप्रैल तक अभियान शुरू किया है। अभियान के प्रथम दिन आरटीओ प्रवर्तन प्रभात पांडेय के नेतृत्व में टीमों ने 28 वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की। इसमें 2 ई-रिक्शा बगैर पंजीयन, 12 अन्य अभियोग में बंद और 12 को सीज किया गया। परिवहन विभाग की इस कार्रवाई से सड़कों पर ई-रिक्शा संचालकों में अफरातफरी रही।
अवैध रूप से ई-रिक्शा संचालन के खिलाफ विभाग ने एक अप्रैल से एक माह का अभियान शुरू किया है। कहीं भी बगैर पंजीयन या नियम विरुद्ध ये संचालित मिलते हैं तो इनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पहले दिन 28 ई-रिक्शा के खिलाफ कार्रवाई की गई। - प्रभात पांडेय, संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन), झांसी