- 50 मिनट तक झांसी में खड़ी रही ट्रेन, अफसरों ने भोपाल में कोच लगवाने का आश्वासन देकर किया रवाना
- मथुरा, आगरा, ग्वालियर में भी लगाई एसी ठीक कराने की गुहार, नहीं हुई सुनवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। दिल्ली से विशाखापट्टनम जा रही स्वर्ण जयंती एक्सप्रेस के बी-6 कोच में सवार यात्रियों ने एसी फेल हो जाने के बाद 700 किमी तक गर्मी में सफर किया। चाराें ओर से बंद कोच में गर्मी से बेहाल यात्रियों ने रेलवे अफसरों से कोच बदलवाने की गुहार लगाई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं की गई। ट्रेन के झांसी पहुंचने पर यात्रियों का सब्र जवाब दे गया और उन्होंने जमकर हंगामा किया। हंगामे के दौरान ट्रेन चलने लगी तो यात्रियाें ने पांच बार चेन पुलिंग की। झांसी स्टेशन पर करीब 50 मिनट तक ट्रेन खड़ी रही। बाद में पहुंचे रेलवे अफसरों और सुरक्षा बल ने भोपाल में कोच बदलवाने की बात यात्रियों को समझाकर ट्रेन को रवाना कराया।
हजरत निजामुद्दीन से चलकर विशाखापट्टनम जाने वाली स्वर्ण जयंती एक्सप्रेस बुधवार सुबह 5:25 बजे फरीदाबाद स्टेशन से निकली तो ट्रेन के थर्ड एसी कोच बी-6 के एसी ने काम करना बंद कर दिया। यात्रियों ने एसी काम न करने की शिकायत रेलवे हेल्प लाइन नंबर 139 पर की लेकिन, कोई मदद नहीं मिल सकी। रेलकर्मियों ने बताया कि एसी ठीक होने की स्थिति में नहीं है। इसके बाद यात्रियों ने कोच बदलने की मांग शुरू कर दी। ट्रेन के मथुरा पहुंचने पर यात्रियों ने कोच बदलने को लेकर हंगामा किया तो यहां रेल अधिकारियों ने आगरा कैंट में कोच बदलने की बात कहते हुए ट्रेन को आगे बढ़ा दिया।
ट्रेन के आगरा पहुंचने पर भी कोच नहीं बदला गया और झांसी में कोच बदलने का दिलासा देकर ट्रेन रवाना कर दी गई। लगातार गर्मी से पसीना-पसीना हो रहे यात्रियों को उम्मीद थी कि झांसी में ट्रेन का कोच बदल दिया जाएगा। लेकिन, ट्रेन जब सुबह 11.55 बजे झांसी पहुंची तो यहां भी कोच नहीं होने की बात कहते हुए रेलवे अफसरों ने भोपाल में कोच बदले जाने का दिलासा दे दिया।
इस पर यात्रियों का सब्र जवाब दे गया। यात्रियों ने प्लेटफॉर्म पर हंगामा करना शुरू कर दिया। करीब आठ मिनट के बाद जब ट्रेन झांसी से चलने लगी तो गुस्साए यात्रियों ने चेन पुलिंग कर दी।
मौके पर पहुंचे रेलवे अफसरों ने यात्रियों को समझाते हुए फिर ट्रेन चलाई लेकिन, यात्रियों ने एक बार फिर से चेन पुलिंग कर दी। रेलवे ने पांच बार ट्रेन को आगे बढ़ाने का प्रयास किया लेकिन हर बार यात्रियों ने चेन पुलिंग कर ट्रेन रोक दी। उनका कहना था कि मथुरा से झांसी तक उन्हें केवल आश्वासन ही दिए जा रहे हैं वह ट्रेन का कोच बदले बिना उसे आगे नहीं बढ़ने देंगे। इसके चलते स्वर्ण जयंती एक्सप्रेस 50 मिनट तक प्लेटफॉर्म नंबर एक पर ही खड़ी रही। घटना की जानकारी मिलने पर आरपीएफ और जीआरपी मौके पर पहुंची। इसके बाद ट्रेन को भोपाल के लिए रवाना किया गया। लेकिन, दिल्ली से भोपाल सात सौ किलोमीटर तक बच्चों से लेकर बड़े सभी गर्मी में झुलसते रहे।
स्लीपर कोच में नहीं मिली जगह
थर्ड एसी कोच के यात्रियों ने थोड़ी राहत पाने के लिए ट्रेन के स्लीपर कोच में चढ़ने का प्रयास किया, लेकिन स्लीपर कोच में पहले से ही क्षमता से अधिक यात्री सवार थे। यात्री विवेक गर्ग ने बताया कि स्लीपर कोच में यह सोचकर जा रहे थे कि थोड़ी हवा से राहत मिलेगी लेकिन, स्लीपर में तो पैर रखने की भी जगह नहीं मिली।
एसी का पैसा वापस करेगा रेलवे
दिल्ली से भोपाल तक गर्मी से बेहाल रहे यात्रियों को रेलवे कोच बदलकर राहत तो नहीं दे सका, लेकिन कोच बी-6 के यात्रियों को रेलवे टिकट का पैसा वापस करेगा। यात्रियों से केवल स्लीपर कोच के टिकट का ही शुल्क लिया जाएगा। वहीं एसी का चार्ज वापस कर दिया जाएगा। इसके लिए यात्रियों को क्लेम करना होगा।
वर्जन
ट्रेन का एसी दिल्ली से चलने के दौरान ही खराब हुआ था। ट्रेन में मौजूद कर्मचारियों ने एसी ठीक करने का काफी प्रयास किया, लेकिन वह ठीक नहीं हो सका। जिन यात्रियों को असुविधा हुई है, उनसे केवल स्लीपर का किराया लेकर बाकी पैसा वापस किया जाएगा। यात्री ऑनबोर्ड टीटीई से प्रमाण पत्र लेकर पैसा वापसी के लिए क्लेम कर सकते हैं।
मनोज कुमार सिंह, पीआरओ, झांसी रेल मंडल