संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। दिल्ली-भोपाल रूट पर ट्रेनों की लेटलतीफी कम कर उनकी रफ्तार बढ़ाने के लिए मंडल के बानमौर-सांक-मुरैना रेलखंड पर ऑटोमेटिक ब्लॉक सिग्नलिंग (एबीएस) प्रणाली शुरू कर दी गई है। अत्याधुनिक तकनीक से जहां एक सेक्शन में दो ट्रेनें आगे-पीछे दौड़ सकेंगी, वहीं लाइन क्षमता में वृद्धि होगी। इस प्रणाली के तहत दो ब्लॉक सेक्शन एक ही दिन में चालू किए गए हैं।
इस वित्तीय वर्ष में अब तक 11 ब्लॉक सेक्शन (92.75 किमी) इस प्रणाली के तहत चालू किए जा चुके हैं। दिसंबर 2025 तक सिथौली-बिरलानगर व दैलवारा-ललितपुर-जीरोन (ललितपुर यार्ड रीमॉडलिंग सहित) के अलावा जनवरी 2026 तक मुरैना-सिकरोदा-हेतमपुर तक पूर्ण करने का लक्ष्य है। बानमौर-सांक-मुरैना रेलखंड के तीनों स्टेशनों पर इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग अपग्रेड तथा 104 एमएसडीएसी (ट्रैक डिटेक्शन उपकरण) स्थापित किया गया है, जिससे सिग्नलिंग की विश्वसनीयता में वृद्धि होगी। पीआरओ मनोज कुमार ने बताया कि ऑटोमेटिक ब्लॉक सिग्नलिंग प्रणाली से दिल्ली-भोपाल रेलवे रूट पर गाड़ियों की रफ्तार बढ़ेगी। ट्रेन संचालन बेहतर होगा।