झांसी। झांसी-बबीना के बीच बनी तीसरी रेल लाइन के संचालन की पहली बाधा पार हो गई। शुक्रवार को इस रेलखंड पर स्पीड ट्रायल हुआ। वरिष्ठ संरक्षा अधिकारियों की मौजूदगी में ट्रायल ट्रेन को एक सौ तीस किमी प्रति घंटे की दर से दौड़ाकर ट्रैक का परीक्षण किया गया। अब रेल संरक्षा आयुक्त की हरी झंडी का इंतजार है। उनकी मंजूरी के बाद इस रेल लाइन पर गाड़ियों का संचालन आरंभ हो सकेगा।
झांसी-बबीना के बीच करीब 25.35 किमी लंबी तीसरी रेल लाइन का निर्माण पिछले काफी समय से चल रहा था। निर्माण पूरा होने के बाद अब रेलवे इस ट्रैक की मजबूती परखने में जुटा है। सामान्य संचालन से पहले ट्रैक का कई फेज में परीक्षण होता है। आखिरी में रेल संरक्षा आयुक्त की निगरानी में मजबूती परखी जाती है। उनकी मंजूरी के बाद ही ट्रैक पर गाड़ियों का संचालन आरंभ होता है। इस मंजूरी से पहले ट्रैक पर पूरी क्षमता के साथ ट्रायल ट्रेन को पूरी रफ्तार से गुजारा जाता है। इसकी तैयारियां काफी दिनों से चल रही थीं। शुक्रवार को इस रेलखंड पर ट्रायल ट्रेन दौड़ाई गई। ट्रायल के सफल होने पर जल्द ही यह लाइन चालू हो सकेगी। इस रुट के आंरभ हो जाने से नई ट्रेनों के संचालन का न सिर्फ रास्ता साफ हो सकेगा बल्कि गाड़ियों के संचालन में समय की भी बचत होगी। ट्रेनों का संचालन भी बेहतर होगा। इस ट्रैक को मार्च तक चालू करने की योजना थी लेकिन, कोविड संक्रमण के चलते यह कार्य पिछड़ गया। रेल अधिकारियों का कहना है आज स्पीड रन के बाद अब इसका परीक्षण रेल संरक्षा आयुक्त से कराया जाएगा। उसके बाद ही इस पर गाड़ियों का संचालन आरंभ हो सकेगा।