संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। जीएसटी लागू होने के बाद बड़ी तादाद में व्यापारियों ने वैट (वैल्यू एडेड टैक्स) जमा नहीं किया। अब जीएसटी विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है। जून में 23 खातों को सीज करने के साथ ही 11 की कुर्की की गई। इनसे करीब सात करोड़ रुपये की वसूली की गई।
झांसी परिक्षेत्र में 39,963 व्यापारी राज्य कर विभाग में पंजीकृत हैं, इनमें 1056 व्यापारी ऐसे हैं, जिन पर एक जुलाई 2017 से पहले का 13 करोड़ रुपये वैट बकाया है। अब वैट जमा कराने के लिए जीएसटी विभाग सक्रिय हुआ है। साथ ही जीएसटी के 8,100 व्यापारी चिन्हित हुए, जिन पर करीब 88 करोड़ रुपये बकाया है। पहले इन्हें नोटिस जारी किया गया, अब वसूली के कड़े कदम उठाए हैं। बकायेदारों की चल-अचल संपत्ति की जानकारी तहसील, नगर पालिका, बैंक, एआरटीओ से मांगी गई है। ब्योरा मिलने पर कार्रवाई भी शुरू कर दी है। 11 व्यापारियों की कुर्की की गई तो 23 के बैंक खाते सीज किए गए। कार्रवाई शुरू होने के बाद कुछ बकायेदारों ने बकाया चुकता किया है, जिससे विभाग को सात करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है।
I- किसी भी तरह के झंझट से बचने के लिए व्यापारी समय से अपना बकाया जमा कर दें। रिटर्न भी तय अवधि में दाखिल करें। यदि ऐसा नहीं करते हैं तो नोटिस भेजकर जुर्माना लगाया जाएगा। बैंक खाते सीज करने के साथ कुर्की की कार्रवाई की जाएगी।
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- डीके सचान I
Iएडिशनल कमिश्नर ग्रेड-1I
Iराज्य कर विभाग, झांसी।I
ये है मामला
- एक जुलाई 2017 को पूरे देश में वैट को वस्तु एवं सेवा कर यानी जीएसटी में बदल दिया गया था। जीएसटी में बदलाव से पहले बड़ी तादाद में व्यापारियों ने वैट का भुगतान नहीं किया था। वे वैट पंजीकरण समाप्त होने के बाद जीएसटी में पंजीकृत हो गए। नया पंजीकरण होने से पूर्व का बकाया जमा कराना विभाग के लिए आसान नहीं रहा।
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जून के जीएसटी रिटर्न 20 जुलाई तक करें फाइल
- राज्य कर विभाग की ओर से व्यापारियों को नोटिस जारी कर जून का जीएसटी समय से रिटर्न फाइल करने के निर्देश दिए गए हैं। रिटर्न फाइल करने की अंतिम तिथि 20 जुलाई निर्धारित की गई है। यदि उपभोक्ता समय से रिटर्न नहीं भरेगा तो उसे 50 हजार रुपये तक जुर्माना देय होगा।
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