झांसी। झांसी-बबीना रेलखंड के बीच तीसरी रेल लाइन का अंतिम एवं अहम ट्रायल बुधवार को पूर्वोत्तर परिमंडल के रेल संरक्षा आयुक्त मो.लतीफ खान की मौजूदगी में हुआ। इस दौरान ट्रायल ट्रेन को करीब 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ाकर ट्रैक की मजबूती परखी गई। सीआरएस की मौजूदगी में सिग्नल समेत अन्य दूसरे तकनीकी पहलुओें का भी परीक्षण हुआ। अब सीआरएस की मंजूरी के बाद जल्द ही इस ट्रैक का इस्तेमाल आरंभ हो जाएगा।
सीआरएस मो.लतीफ खान के साथ तकनीकी टीम ने दोपहर में पहुंचकर परीक्षण आरंभ कराया। झांसी-बीना रेलखंड के बीच करीब 25.35 किमी लंबे नवर्निमित ट्रैक में उन्होंने ट्रैक, प्वांइट्स, सिग्नल, ओएचई समेत अन्य को परखा। नवनिर्मित ट्रैक पर पूरी रफ्तार से ट्रायल ट्रेन दौड़ाई गई। सीआरएस ने ट्राली निरीक्षण भी किया। उन्होंने ब्रिज, ट्रैक सिग्नल, इंस्टालेशन एवं वायरिंग भी देखी। इस दौरान डीआरएम संदीप माथुर, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी शरद मेहता, वरिष्ठ मंडल अभियंता सत्यप्रकाश मिश्र, वरिष्ठ मंडल विद्युत अभियंता रजत कुमार, परिचालन प्रबंधक शशिकांत त्रिपाठी समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह के मुताबिक परीक्षण अभी पूरा नहीं हुआ है। सीआरएस की एनओसी के बाद इस रूट का संचालन आरंभ हो जाएगा। उनका कहना है कि इससे न सिर्फ नई ट्रेनों के संचालन हो सकेगा बल्कि गाड़ियों के संचालन में समय भी बचेगा।
दूर हो जाएंगी यह समस्याएं
- मथुरा-झांसी-बीना लाइन पर मथुरा से झांसी के मध्य 12 प्रतिशत और झांसी- बीना के मध्य 22 प्रतिशत ओवर ट्रैफिक (ओवरलोड) है। तीसरी लाइन आंरभ होने से यह समस्या दूर हो जाएगी।
- पटरियों की मरम्मत करने के लिए अक्सर ट्रेनों का संचालन बंद करना पड़ता है। इस लाइन के आरंभ होने से ब्लॉक नहीं लेना होगा।
- नई ट्रेनों के चलने का रास्ता साफ हो जाएगा। मालगाड़ियां भी अलग लाइन से संचालित की जा सकेेंगी।
- दुर्घटना होने पर यह मार्ग बाधित हो जाता है। तीसरी लाइन बन जाने से वैकल्पिक मार्ग मिल सकेगा।
करीब डेढ़ साल पिछड़ चुका काम
तीसरी लाइन का यह काम पिछले वर्ष मार्च में ही पूरा किया जाना था लेकिन, कोरोना के चलते यह काम लगातार पिछड़ता गया। इस वर्ष इसे मार्च में पूरा करने का लक्ष्य बनाया गया लेकिन, दूसरी रफ्तार की वजह से काम पूरा नहीं हो सका। अब जाकर यह काम पूरा हो सका है। इस तीसरी लाइन को बिछाने में रेलवे ने कुल 2490 करोड़ रुपये खर्च किए हैं।