रेलवे बोर्ड ने नियमित ट्रेनों के संचालन पर तीस जून तक के लिए रोक लगा दी है। झांसी स्टेशन से अलग- अलग ट्रेनों में सवार होने के लिए 25 मार्च से 30 जून की अवधि में 49 हजार से अधिक मुसाफिरों ने अपने आरक्षित कोचों में टिकट बुक करा रखे थे। इनमें सबसे ज्यादा टिकट 15 मई से 30 जून के बीच बने थे, जो लोगों ने गर्मियों में हिल स्टेशन और दूसरी जगह घूमने- फिरने के लिए बनवा रखे थे। इन यात्रियों को आरक्षण काउंटर खुलते की पूरा किराया वापस मिलने लगेगा। यात्री छह महीने तक अपना किराया वापस ले सकते हैं। कोरोना वायरस के चलते रेलवे ने 22 मार्च से मेल, एक्सप्रेस व पैसेंजर ट्रेनों का संचालन पूरी तरह बंद कर रखा है। यात्रियों को उम्मीद थी कि 14 अप्रैल को लॉकडाउन खत्म होने के बाद ट्रेनों का संचालन शुरू हो जाएगा। इसी उम्मीद से दूसरे शहरों में नौकरी, पढ़ने और व्यापार के सिलसिले में जाने वाले लोगों ने बड़ी संख्या में ऑनलाइन आरक्षण करा लिए थे। इसमें वे यात्री भी बढ़ी संख्या में शामिल थे, जो गर्मियों की छुट्टी में अपने बच्चों के साथ पर्यटन व धार्मिक स्थलों पर घूमने जा रहे थे। चूंकि, रेलवे 120 दिन पहले से ट्रेनों में टिकट बुक करना शुरू कर देता है। इस कारण अप्रैल और मई में बड़ी संख्या में यात्रियों ने जनवरी और फरवरी में टिकट बुक करा लिए थे। मगर इसके बाद लॉकडाउन तीन मई और फिर 17 मई तक लिए बढ़ा दिया गया। अब नियमित ट्रेनों के संचालन पर भी 30 जून तक के लिए रोक लगा दी गई है। इससे 49 हजार यात्रियों के टिकट बेकार हो गए। इन सभी यात्रियों ने 15 अप्रैल से 30 जून के बीच सफर करने के लिए टिकट बुक कराए थे। इन सब यात्रियों को झांसी स्टेशन से ट्रेन पकड़नी थी, जो झांसी महानगर व बुंदेलखंड के अलग- अलग हिस्सों में रहते हैं। प्रतिदिन झांसी रेलवे स्टेशन से औसत 120 ट्रेनें गुजरतीं हैं। यह ट्रेनें बीना, इलाहाबाद, कानपुर और आगरा की तरफ जाने वाले ट्रैक पर दौड़तीं हैं। इन ट्रेनों में प्रतिदिन झांसी से सामान्य दर्जे में औसत 20 हजार और आरक्षित कोचों में करीब पांच हजार मुसाफिर सफर करते हैं।
ये मिलेगी यात्रियों को छूट
रेलवे आरक्षण काउंटर से छह महीने तक किराया वापस लिया जा सकता है। - ऐसी ट्रेन जिनको रेल प्रशासन द्वारा निरस्त नहीं किया गया है और यात्री यात्रा नहीं करना चाहते हैं। पहले से आरक्षित टिकटों के लिए विशेष प्रावधान के तहत आरक्षण काउंटर से प्राप्त और ई टिकट दोनों के लिए पूर्ण रिफंड दिया जाएगा। - 139 के माध्यम से निरस्तीकरण जो यात्री 139 के माध्यम से टिकट निरस्त करना चाहते हैं, उन्हें यात्रा की तारीख से 06 महीने के भीतर काउंटर पर रिफंड मिल सकता है। - 21 मार्च एवं उसके बाद की यात्रा अवधि के लिए पहले से आरक्षित टिकटों को निरस्त करने पर हुई कटौती की गई राशि की ीाी पूर्ण वापसी होगी। - आरक्षण काउंटर टिकट 21 मार्च एवं उसके बाद की यात्रा अवधि के लिए ऐसे यात्री जिन्होंने पहले से ही अपना टिकट निरस्त करवा लिया है वो निरस्तीकरण चार्ज की शेष राशि की वापसी के लिए आवेदन कर सकते हैं। यह आवेदन ज़ोन के मुख्य दावेदार अधिकारी मुख्य वाणिज्य प्रबंधक रिफंड के कार्यालय में किए जा सकते हैं। - ई टिकट निरस्त किए गए टिकटों की शेष राशि का रिफंड उन यात्रियों के उसी खाते में जमा किया जाएगा जिससे टिकट बुक किया गया था।