श्रीमंत महाराजा गंगाधर राव और महारानी लक्ष्मीबाई के विवाहोत्सव की 177 वीं वर्षगांठ धूमधाम से मनाई जाएगी। 19 मई को शहर में हर साल की तरह भव्य शोभायात्रा निकलेगी। शास्त्रीय संगीत की स्वर लहरियां विवाह स्थल गणेश मंदिर में गूंजेंगी और आयोजकों की ओर से एक कन्या का विवाह महाराष्ट्रीय रीति रिवाजों के साथ कराया जाएगा।
रविवार की शाम गणेश मंदिर में गणेश मंदिर कमेटी और शहर के समाज सेवियों की संयुक्त बैठक हुई। इसमें कार्यक्रम क ी तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया। इस बार यह आयोजन एक दिवसीय होगा। सचिव गजानन खानवलकर ने बताया कि 19 मई क ो दोपहर 12 बजे एक कन्या का विवाह आयोजन समिति द्वारा कराया जाएगा। इसके बाद शाम 4:30 बजे लक्ष्मी व्यायाम मंदिर से महाराजा गंगाधर राव और महारानी लक्ष्मीबाई के स्वरूपों की शोभायात्रा शहर में भ्रमण करने को निकलेगी। शोभायात्रा श्री गणेश मंदिर में कार्यक्रम के रूप में परिवर्तित हो जाएगी। यहां प्रतीकात्मक वैवाहिक रस्में अदा हाेंगी। दूल्हा राजा साहब और दुल्हन रानी लक्ष्मीबाई पर पुष्प वर्षा की जाएगी।
इस दौरान रात आठ बजे से बुंदेलखंड संगीत परिवार की ओर से शास्त्रीय गायन जुगलबंदी का आयोजन होगा। इसमें डा. मेघा तलगावकर व शुभ्रा तलगावकर अपनी जुगलबंदी को प्रस्तुत करेंगी। बैठक में बौद्ध शोध संस्थान के उपाध्यक्ष हरगोविंद कुशवाहा, अध्यक्ष राजीव इंदापुरकर, अरविंद ओझा, सुदर्शन शिवहरे, रवीश त्रिपाठी, बसंत मोघे, संजय तम्हनकर, उज्जवल देवधर, सुनील अग्रवाल, राम किशन निरंजन, प्रतिष्ठा खेर, ज्योति श्रीवास्तव, मनमोहन गेड़ा, पीयूष रावत, राहुल खांडेकर, संजय राष्ट्रवादी, मिलिंद देसाई, आनंद गोलवलकर, श्रीकांत तलवलकर, संगीता जोशी, पूर्णिमा नाफडे, अभिषेक साहू, नंद किशोर सविता, नरेंद्र गोस्वामी, वंदना, जीतू जैन आदि मौजूद रहे।