झांसी। खुशीपुरा क्षेत्र में रविवार रात टंकी की आपूर्ति लाइन फट गई, जिससे क्षेत्र में जल संकट गहरा गया है। पंप हाउस में 1600 एमलडी की टंकी सिर्फ एक मोटर के भरोसे है। दो मोटरें कई महीनों से फुंकी पड़ी हैं। ऐसे हालातों में क्षेत्रवासी सिर्फ हैंडपंपों के भरोसे हैं।
खुशीपुरा में स्थित 1600 एमलडी की क्षमता वाली टंकी से खुशीपुरा, मोहनी बाबा, नगरिया कॉलोनी, कपूर टेकरी और मदकखाना के तकरीबन 20 हजार से अधिक परिवारों को पानी आपूर्ति किया जाता है। शनिवार/रविवार की रात टंकी को भरने वाली 18 इंच की सप्लाई लाइन क्षतिग्रस्त हो गई, जिससे सभी क्षेत्रों की सप्लाई ठप हो गई। आनन-फानन में लाइन को सुधारने का काम शुरू हुआ पर देर शाम को लाइन ठीक नहीं कराई जा सकी। क्षेत्र के रहने वालों ने बताया कि वह लोग फिलहाल हैडपंपों के भरोसे हैं।
दूसरी ओर पंप हाउस की मोटरें भी फुंकी हुईं हैं। टंकी पर मौजूद पंप आपरेटर ने बताया कि पंप हाउस में टंकी को भरने के लिए 40 हॉर्स पावर की तीन मोटरें लगीं हुईं हैं। लेकिन, इसमें से एक मोटर तकरीबन डेढ़ साल से तथा दूसरी मोटर छह महीने से खराब पड़ी है। सिर्फ एक मोटर के भरोसे टंकी को भरा जा रहा है। दो मोटरों के जरिये पहले टंकी तीन घंटे में भर जाती थी पर उसके फुंक जाने के बाद सिर्फ एक मोटर का उपयोग हो रहा है, जिस कारण टंकी भरने में छह से सात घंटे लग रहे हैं। इससे क्षेत्र की सप्लाई भी प्रभावित हो रही है।
तीसरी मोटर फुंकी तो समस्या होगी विकराल
पंपिंग स्टेशन पर दो मोटरों के अलावा तीसरी मोटर को आपात स्थिति से निपटने के लिए लगाया गया है। ऐसे में सिर्फ एक मोटर के भरोसे टंकी को भरा जाना अधिकारियों की लापरवाही को दर्शा रहा है। ऐसे में वह भी खराब हो गई तो स्थिति बड़ी ही विकराल हो जाएगी। बावजूद, अब तक इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इतना ही नहीं पंप हाउस पर प्रेशर और सप्लाई गेज तक खराब पड़ा हुआ है।
पद ही काफी है....
टंकी पर पहुंचे जल संस्थान के अधिशासी अभियंता काम की प्रगति देखने पहुंचे पर वहां मौजूद भीड़ और कैमरे को देख चुपके से वहां से खिसकने लगे। क्षेत्रवासियों की शिकायत पर जब अमर उजाला ने उनसे पानी न आने का कारण पूछा तो पहले गोलमोल जवाब दिया। नाम पूछने पर कहा कि मेरा नाम छोड़ो, मेरा तो सिर्फ पद ही काफी है।
सुबह के बाद से पानी की सप्लाई ठप हो जाने से संकट बढ़ गया है। हैंडपंप ही एकमात्र सहारा है। लाइन ठीक होने तक हैंडपंप के ही भरोसे रहना होगा। - सतीश वर्मा, दुकानदार
दो मोटरों के खराब हो जाने के बाद से क्षेत्र में पानी की समस्या बनी हुई है। गर्मियां शुरू होने के पहले मोटर ठीक कराने की मांग की पर सुनवाई नहीं हुई। - सुरेश चंद गोपी, पूर्व पार्षद
वार्ड के पार्षद इंदु वर्मा से कई बार पानी को लेकर शिकायत की पर आज तक उन्होंने क्षेत्र की सुध नहीं ली। इस कारण समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। - मालती, गृहणी
गर्मियां शुरू होते ही क्षेत्र में जल संकट गहरा गया। कई दिनों से सिर्फ पंद्रह से बीस मिनट पानी की सप्लाई दी जा रही है। इस समस्या का समाधान जरूरी है। - मुन्नीदेवी, गृहणी