झांसी। लुकाछिपी खेलते समय घर के कमरे में छुपे बालक ने दरवाजे से बंधी जंजीर गले में लपेट ली। जब तक परिजनों को पता चला तब तक उसकी मौत हो गई। परिजनों ने पुलिस को सूचना दिए बगैर बालक का अंतिम संस्कार कर दिया।
कोतवाली थानांतर्गत पीतांबरा कालोनी नारे का बगीचा पंचवटी निवासी राजू रिछारिया एक मंदिर में पूजा पाठ कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। उनके दो पुत्र गणेश (13) और लोकेंद्र उर्फ गुरु (11) सोमवार की दोपहर करीब साढ़े तीन बजे घर पर लुकाछिपी खेल रहे थे।
लोकेंद्र एक कमरे में जाकर छुप गया। उसने कमरे के दरवाजे बंद कर लिए और कुंडी से बंधी जंजीर गले में लपेट ली। कुंडी बंद करते ही गले में जंजीर का फंदा कस गया। कुछ देर बाद लोकेंद्र ने तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया। वहीं, कमरे के बाहर बैठी मां को इसका पता भी नहीं चल सका। करीब आधे घंटे बाद जब ट्यूटर पढ़ाने आया तो मां ने दरवाजा खटखटाया तो अंदर से लोकेंद्र ने कोई जवाब नहीं दिया।
इस पर ट्यूटर ने खिड़की से शीशा डालकर टार्च से देखा तो वह दरवाजे से बंधी जंजीर के फंदे से फंसा था। जानकारी मिलते ही परिजन व आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। वह खिड़की तोड़कर कमरे में घुसे और उसे फंदे से उतारा मगर तब तक बहुत देर हो चुकी थी। बालक की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया। घरवालों ने पुलिस को बिना सूचना दिए ही उसका अंतिम संस्कार कर दिया।