झांसी। मंगलवार को रेलवे स्टेशन व ट्रेनों में ठसाठस भीड़ रही। दीपावली पर घर पहुंचने की जल्दी यात्रियों के चेहरे पर साफ दिखी। सुबह झांसी से रवाना होने वाली पैसेंजर ट्रेनों में यात्रियों को सही से पैर रखने तक की भी जगह नहीं मिली। इसी तरह गोरखपुर, इलाहाबाद जाने वाली एक्सप्रेस ट्रेनों का हाल रहा।
अपने शहर से दूर रहने वाला हर व्यक्ति दीपावली पर समय से घर पहुंचना चाहता है। मंगलवार से सरकारी व गैर सरकारी संस्थाओं में छुट्टियां होते ही लोगों ने अपने घर जाना व लौटना शुरू कर दिया। सोमवार की रात से ही स्टेशन पर यात्रियों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई और यह सिलसिला मंगलवार की शाम तक बना रहा। सबसे बुरा हाल कानपुर, लखनऊ होकर गोरखपुर व बिहार की तरफ जाने वाली ट्रेनों का रहा।
इस रूट पर जाने वाली गाड़ी संख्या 12542 अप लोकमान्य तिलक गोरखपुर एक्सप्रेस व 11124 ग्वालियर बरौनी मेल के हालत सबसे अधिक खराब थे। इन दोनों गाड़ियों में पैर रखने तक की जगह नहीं थी। स्लीपर कोच भी जनरल बने हुए थे। यात्री दरवाजे पर लटकर यात्रा करने को मजबूर थे।
कई कोचों में यात्रियों के आपस में झगड़ने की शिकायतें मिल रही थीं। इन ट्रेनों के झांसी स्टेशन आने पर सुरक्षा कर्मियों के घेरे में यात्रियों को किसी तरह उतारा व चढ़ाया जा सका। कमोबेश यही हालत कानपुर की तरफ जाने वाली झांसी-लखनऊ इंटरसिटी, उद्योग नगरी, पुष्पक एक्सप्रेस, राप्ती सागर आदि ट्रेनों की भी रही।
इलाहाबाद ही तरफ जाने वाली गाड़ी संख्या 12189 महाकौशल एक्सप्रेस, 11107 डाउन बुंदेलखंड एक्सप्रेस आदि ट्रेनों में भी यात्रियों को मुश्किल भरी यात्रा करनी पड़ी। खासकर जिन यात्रियों के पास कंफर्म आरक्षण नहीं था और जो परिवार के साथ थे, उनको परेशानियों से अधिक दो चार होना पड़ा। इधर, बस स्टैंड पर भी रेलवे स्टेशन जैसा नजारा बना रहा। अधिकांश बसें यात्रियों से ठसाठस भर के चलीं। इससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
चित्रकूट जाने वाले यात्रियों का राहत भरा रहा सफर
झांसी। चित्रकूट धाम में लगने वाले दीपावली/ कार्तिक अमावस्या मेले के अवसर पर झांसी से चार मेला स्पेशल पैसेंजर ट्रेनों का संचालन मंगलवार से शुरू हो गया।
इनमें झांसी से एक गाड़ी सुबह 10:10 बजे, दूसरी अपराह्न 2:30 बजे, तीसरी शाम सात बजे व चौथी ट्रेन रात 9:15 बजे चलाई गई। इस रूट पर पर्याप्त पैसेंजर ट्रेनों की संख्या होने से यात्रियों को अधिक परेशानी नहीं हुई। हालांकि, मंगलवार को गाड़ी संख्या 51811/ 51812 झांसी-बीना-झांसी पैसेंजर व 51881/ 51882 झांसी-आगरा-झांसी पैसेंजर के रद रहने से इस रूट में पड़ने वाले छोटे स्टेशनों के यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
रेल प्रशासन ने साबरमती एक्सप्रेस को अस्थायी रूप से छोटे स्टेशनों पर रोका, मगर इस ट्रेन के जनरल कोच पहले से ही यात्रियों से ठसाठस भरे थे, इससे छोटे स्टेशन के यात्री ट्रेन में सवार नहीं हो सके। ऐसे में यात्रियों को बस का सहारा लेना पड़ा।