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नैनो तकनीक का है आने वाला समय : अरुण कुमार

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बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में आईईटी लखनऊ के अभियांत्रिकी विभागाध्यक्ष डॉ. अरुण कुमार तिवारी
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बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में नैनो तकनीकी पर हुए व्याख्यान में आईईटी लखनऊ के अभियांत्रिकी विभागाध्यक्ष डॉ. अरुण कुमार तिवारी ने कहा कि आने वाला समय नैनो तकनीक का है। नैनो तरल पदार्थों को अभियांत्रिकी के साथ-साथ विज्ञान की हर शाखा में इस्तेमाल किया जा रहा है।
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टीक्यूप-3 परियोजना के तहत हुए कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि आज के औद्योगिक युग में उपकरणों को लगातार कार्यरत रहना पड़ता है। इससे क्षय होने वाली ऊष्मीय ऊर्जा का बहुत हृास होता है। साथ ही उपकरणों की आयु व कार्यक्षमता में कमी आ जाती है। अत: उपकरणों में कार्य के दौरान उत्पन्न होने वाली ऊष्मीय ऊर्जा को नैनो तरल पदार्थ डालकर कम किया जा सकता है। इससे उपकरण की कार्य क्षमता बढ़ने के साथ-साथ प्रोडक्ट की गुणवत्ता को बढ़ाते हैं। इस तकनीक का प्रयोग सोलर वाटर हीटिंग, हीट पाइप, मशीनिंग, बायोमेडिकल आदि में किया जा रहा है। डॉ. तिवारी ने नैनो तरल पदार्थों के विभिन्न गुणाें की चर्चा की।
इससे पूर्व एकेटीयू विश्वविद्यालय लखनऊ के डॉ. अनुज कुमार शर्मा ने नैनो-कटिंग तरल पदार्थों का उपयोग करते हुए स्थायी और ग्रीन विनिर्माण विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने कहा कि अब ऐसे नैनों कटिंग तरल पदार्थों का उपयोग किया जा रहा है, जिससे पर्यावरण को कोई हानि न हो। ये पदार्थ उपयोग में भी आसान हैं। इस दौरान डीन इंजीनियरिंग प्रो. एसके कटियार ने कहा कि नैनो तकनीकी एक ऐसा विषय है, जो तकनीकी तथा अभियांत्रिकी के क्षेत्र में अपना अहम योगदान दे रहा है। विभाग समन्वयक डॉ. एपीएस गौर, कार्यक्रम समन्वयक इंजीनियर राहुल शुक्ला, इं. बृजेश लोधी, डॉ. ऋषि कुमार सक्सेना, डॉ. रंजीत सिंह, डॉ. सादिन खान, सत्येंद्र उपाध्याय, विशाल आर्या, अंकिता सिंह आदि मौजूद रहे।
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