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एमबीबीएस में प्रवेश दिलाने के नाम पर लाखों की ठगी

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एमबीबीएस में प्रवेश दिलाने के नाम पर लाखों की ठगी
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झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में प्रवेश दिलाने के नाम पर मथुरा के युवक से लाखों की ठगी कर ली गई। ठगी करने वाली नोएडा की कंसल्टेंसी (परामर्श सेवा) ने सरकारी नामित कोटे से प्रवेश दिलाने का लालच दिया। प्रवेश के लिए मेडिकल कॉलेज के चर्म रोग विभाग का भी इस्तेमाल हुआ। बृहस्पतिवार को युवक अपने पिता के साथ मेडिकल कॉलेज प्राचार्य से मामले की शिकायत करने पहुंचा।
मथुरा निवासी वीरी सिंह इंडियन ऑयल में नौकरी करते हैं। उनका पुत्र वीर विष्णु कुमार सिंह 12वीं पास करने के बाद एमबीबीएस की कोचिंग कर रहा था। इस दौरान कंसल्टेंसी से वीर विष्णु के पास फोन आया। कंसल्टेंसी की ओर से बात करने वाले व्यक्ति ने वीर विष्णु को सरकारी नामित कोटे से किसी भी सरकारी मेडिकल कॉलेज में प्रवेश दिलाने की बात कही। बीते अगस्त में युवक को नोएडा के सेक्टर 62 स्थित कंसल्टेंसी के कार्यालय भी बुलाया गया। यहां पर युवक को बातचीत कर अपने जाल में फंसाया गया। तीन अगस्त को युवक को झांसी के महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज बुलाया गया। मेडिकल कॉलेज के चर्म रोग विभाग में एक युवक अधिकारी बनकर बैठ गया। इस दौरान युवक के अंगूठा का निशान और फोटो ली गई। युवक का विश्वास जीतने के बाद डेढ़ लाख रुपये एडवांस लेकर फॉर्म भरवाया। इस दौरान मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय से प्रवेश के लिए मिला अनुमति पत्र दिखाया। इसमें मोहर भी लगी हुई थीं। हालांकि, यह सब फर्जी था। युवक फर्जीवाड़े को समझ नहीं पाया। इस दौरान उसके परिजनों से उन्होंने दो किस्तों में साढ़े आठ लाख रुपये ले लिए। युवक से कहा कि अभी हॉस्टल का आवंटन होना बाकी है, जो कुछ दिन में हो जाएगा। इसके बाद युवक परिजनों के साथ मथुरा लौट गया। इस दौरान परिजन लगातार कंसल्टेंसी के लोगों से फोन पर प्रवेश के संबंध में बात करते रहे। हर बार उन्हें नई तिथि बताई जाती रही। बाद में जब शक हुआ तो परिजनों ने पैसे वापस मांग लिए। कहा कि चेक दे दो, जब प्रवेश हो जाएगा तो चेक लौटा दी जाएगी। इसके बाद से कंपनी के लोगों ने मोबाइल फोन ही बंद कर लिया। खुद को ठगा महसूस होने के बाद युवक अपने पिता के साथ बृहस्पतिवार को मामले की शिकायत करने के लिए मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डॉ. साधना कौशिक से मिला। प्राचार्य ने उन्हें बताया कि कॉलेज में एमबीबीएस की प्रवेश प्रक्रिया डेढ़ महीने पहले ही पूरी हो चुकी है।
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18 लाख में तय हुई बात
फर्जीवाड़ा करने वाली कंसल्टेंसी ने सरकारी नामित कोटे से युवक को प्रवेश दिलाने के नाम पर 18 लाख रुपये लेने की बात हुई थी। प्रवेश प्रक्रिया ऑनलाइन चलने की बात कहते हुए आधा पैसा प्रवेश के पहले ही ले लिया। पीड़ित युवक का आरोप है कि इसके लिए नकली एमसीआई, स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा अनुमोदित कागजात और मोहरें बनवाईं। युवक ने बताया कि जल्द ही आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
सुरक्षा गार्ड ने टोका था
बीते तीन अगस्त को युवक को मेडिकल कॉलेज के चर्म रोग विभाग में दोपहर ढाई बजे के बाद बुलाया गया। इस समय तक विभाग खाली हो जाता है। जब युवक परिजनों के साथ विभाग में जा रहा था, उस समय बाहर खड़े सुरक्षा गार्ड ने रोका। हालांकि, तभी एक व्यक्ति अंदर से आया और बोला कि इन्हें आने दो। इसके बाद युवक परिजन के साथ विभाग के अंदर चला गया।
लगातार दूसरा मामला
महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में प्रवेश के नाम पर फर्जीवाड़ा करने का लगातार दूसरा मामला सामने आया है। पिछले साल भी हड्डी रोग विभाग का इस्तेमाल करके नोएडा के युवक से फर्जीवाड़ा किया गया था। इस बार चर्म रोग विभाग का इस्तेमाल हुआ है। ऐसे में संदेह उत्पन्न हो रहा कि कॉलेज के किसी व्यक्ति से भी फर्जीवाड़े के तार जुड़े हो सकते हैं।
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मथुरा निवासी युवक अपने पिता के साथ मिलने आया था। उन्हें बताया गया कि मेडिकल कॉलेज में सभी सीट भर चुकी हैं। उन्होंने लिखित में शिकायत पत्र नहीं दिया है।
- डॉ. साधना कौशिक, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज।
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