- तालाबों को भरने का नहीं कोई इंतजाम
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। झांसी के गांवों में भूजल स्तर बढ़ाने के लिए ग्राम पंचायतों में तीन करोड़ रुपये खर्च कर अमृत सरोवर बनाए गए थे। मगर अफसर इन सरोवरों को भरने का इंतजाम करना भूल गए। हालात यह हैं कि भीषण गर्मी में अमृत सरोवर सूख गए हैं। कहीं झाड़ियां उग रही हैं तो कहीं बच्चे क्रिकेट खेल रहे हैं। साथ ही गांवों का जलस्तर गिर रहा है।
राज्य वित्त आयोग एवं मनरेगा की मदद से पूरे जनपद में ग्राम पंचायत स्तर पर 186 अमृत सरोवर खुदवाए गए थे। हर तालाब के निर्माण पर एक लाख से 10 लाख रुपये तक खर्च किए गए। मंशा यह थी कि अमृत सरोवर गर्मी में ग्राम पंचायतों के जलस्तर को बढ़ाएंगे। मगर मौजूदा समय में तमाम ग्राम पंचायतों में अमृत सरोवर सूखे पड़े हैं। इससे ग्रामीण परेशान हैं। साथ ही पशु-पक्षी भी बूंद-बूंद पानी को तरस रहे हैं। राजगिर, बोंडा, बिजना, अमनपुरा सहित कई गांवों में अमृत सरोवर के सूख जाने से आसपास के लोग परेशान हैं।
इसके अलावा अमृत सरोवरों पर बेंच, फेंसिंग समेत अन्य कार्य भी कराए गए थे लेकिन, तालाब के सूखने के साथ ही यह खस्ताहाल भी होते जा रहे हैं। जहां बेंच लगाई गई थी, वह भी क्षतिग्रस्त हो गईं। फेंसिंग भी टूट गई।
लुहारी में तालाब को गहरा ही नहीं किया
बंगरा ब्लॉक की 59 ग्राम पंचायतों में से लुहारी, हाटी, नोटा, राजगिर, बोंडा, बिजना, अमनपुरा समेत 23 ग्राम पंचायतों में अमृत सरोवर खुदवाए गए थे। यहां लुहारी, घुराट, चौकरी, पठाकरका, राजगिर, नौटा, हाटी के तालाब में पानी ही नहीं बचा है। ग्रामीणों का कहना है कि लुहारी में तालाब कम गहरा बनाया गया जबकि घुराट में तालाब के अंदर मिट्टी भर दी गई। यहां कई अमृत सरोवर में झाड़ियां उग आईं हैं।
तालाब सूखने पर बच्चों ने बना दिया क्रिकेट मैदान
मोंठ ब्लॉक की आठ ग्राम पंचायतों में तालाब खुदवाए गए थे। टांडा और बहादुरपुर के तालाब को छोड़कर शेष तालाब सूख चुके हैं। भुजोंद गांव में तो सूख चुके तालाब को बच्चों ने क्रिकेट का मैदान बना लिया है। इस तालाब को भी भरने का कोई प्रबंध नहीं है। ग्राम पंचायत अधिकारी सलिल वर्मा का कहना है कि तालाब के पास कोई माइनर अथवा गूल नहीं है। इससे तालाब बरसात में भर पाता है। तालाब में मशीन से बोरिंग का कोई प्रावधान नहीं था। इस वजह से बोरिंग नहीं कराई जा सकती है।
कुछ गांवों में ही ठीक हैं हालत
माइनर अथवा गूल के पास स्थित चुनिंदा तालाबों की ही हालत ठीक है। टांडा गांव के तालाब में अभी पानी है। ग्राम प्रधान साहब सिंह के मुताबिक तालाब को पास के माइनर से भरा गया। बहादुरपुर में भी अमृत सरोवर में पानी भरा है। ग्राम पंचायत अधिकारी अभिनेंद्र कुमार के मुताबिक यह तालाब भी गूल की मदद से भरा जाता है।
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वर्जन
अधिकांश अमृत सरोवरों को बारिश में ही भरा जाना था। इस वजह से इनको भरने का कोई अतिरिक्त इंतजाम नहीं है। सिंचाई विभाग के साथ चर्चा करके नहरों के पास के तालाब को माइनरों से जोड़ने की योजना बनाई जा रही है। इसकी मदद से आने वाले समय में तालाब भरे जा सकेंगे।
शिखर श्रीवास्तव, उपायुक्त, मनरेगा