- गिरोह बनाकर करते थे लाखों की कमाई
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। दतिया के डगरई टोल प्लाजा पर मंगलवार की रात हुई फायरिंग की घटना के तीन आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, जबकि बाकी की तलाश में पुलिस की दबिशें लगातार जारी हैं। बताया गया है कि टोल पर तैनात कर्मचारियों के बीच रंगदारी जमाने के लिए आरोपियों ने वारदात को अंजाम दिया था। इस बीच मची भगदड़ में कुएं में गिरकर दो टोल कर्मियों की मौत हो गई थी। आरोपी ट्रकों को टोल टैक्स अदा किए बगैर प्लाजा से निकालने का काम करते थे। इस काम में उन्हें लाखों की कमाई होती थी।
झांसी रोड पर स्थित डगरई टोल प्लाजा पर मंगलवार की रात तकरीबन दस बजे 10-12 बदमाशों ने जमकर उत्पात मचाया था। उन्होंने टोल कर्मियों के साथ बेरहमी से मारपीट करते हुए फायरिंग भी की थी। इस बीच मची भगदड़ में आगरा के नयाबांस निवासी मैनेजर श्रीनिवास सिंह परिहार (37) और शिफ्ट इंचार्ज शिवाजी (40) की टोल ऑफिस के पीछे बने बगैर मुंडेर के कुएं में गिरने से मौत हो गई थी। इस मामले में पुलिस ने 12 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दतिया कोतवाली और चिरूला थाना पुलिस को लगाया गया था। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि बाकी की तलाश में दबिशें जारी हैं। बताया गया है कि आरोपियों में दो मूल रूप से झांसी के रक्सा थाना इलाके के रहने वाले हैं, लेकिन फिलहाल दतिया में ही रह रहे हैं। बाकी आरोपी दतिया के ही रहने वाले हैं। ये सभी आरोपी गिरोह बनाकर काम करते थे। उन्होंने गुंडागर्दी के दम पर डगरई टोल प्लाजा पर कार्यरत कर्मचारियों को दबाव में ले रखा था। वे टोल प्लाजा से ट्रकों को बगैर टोल टैक्स अदा किए निकालने का काम करते थे। इसके एवज में ट्रक चालकों से वे निर्धारित टोल टैक्स से आधी रकम वसूलते थे। इस काम में उन्हें महीने में साढ़े तीन लाख रुपये से अधिक की कमाई होती थी। एक अप्रैल से टोल प्लाजा के संचालन का ठेका नई कंपनी के पास चला गया था। नई कंपनी के कर्मचारी आरोपियों की बात मानने को तैयार नहीं थे। इस पर रंगदारी जमाने के लिए बदमाशों ने मंगलवार की रात टोल प्लाजा पर मारपीट और फायरिंग की घटना को अंजाम दिया था, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई थी।
चिरूला थाने के प्रभारी निरीक्षक नितिन भार्गव ने बताया कि सभी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिशें दी जा रही हैं। जल्द उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इसके लिए आसपास के थानों की पुलिस की भी मदद ली जा रही है।