फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जाम में फंसे फंसे हजारों को हो गई रात... फिर भी दिखाया जा रहा स्मार्ट सिटी का ख्वाब

विज्ञापन
विज्ञापन
झांसी। ग्वालियर रोड रेलवे क्रॉसिंग पर शनिवार की शाम एक के बाद एक पांच ट्रेनें गुजरने से हजारों वाहन चालक दो घंटे तक जाम से जूझते रहे। गेट के दोनों तरफ सड़क पर एक- एक किलोमीटर तक लंबी वाहनों की कतारें लगी रहीं। इस दौरान लोग शहर की कमजोर सियासत को कोसते रहे। सड़क यातायात को सामान्य बनाने में पुलिस को भी खासी मशक्कत करनी पड़ी। यहां ओवरब्रिज बनाने की कवायद पिछले दस सालों से की जा रही है, लेकिन कामयाबी अब तक नहीं मिल पाई। रेलवे और शासन की स्वीकृति मिलने के बाद भी फाइल पिछले छह माह से प्रदेश के वित्त विभाग में अटकी हुई है।
विज्ञापन

झांसी-कानपुर रेलवे ट्रैक पर ट्रेनों की आवाजाही लगातार बढ़ती जा रही है। इससे हालात ये हैं कि 24 घंटे में से लगभग 14 घंटे तक इस रेलवे ट्रैक पर बनी रेलवे क्रॉसिंग को बंद रखना पड़ता है। फाटक खुलने के बाद वाहनों के आमने-सामने आ जाने से जाम की स्थिति बन जाती है। हालांकि, पिछले एक साल के दरम्यान निर्माण की दिशा में तेजी देखने को मिली थी। रेलवे ने अपने हिस्से के निर्माण के लिए अनुमानित लागत 42 करोड़ का एस्टीमेट तैयार किया था, जिसे रेलवे बोर्ड ने मंजूरी देते हुए बजट जारी कर दिया है। साथ ही सेतु निगम ने अनुमानित ड्राइंग व एक अरब 22 करोड़ रुपये का एस्टीमेट पीडब्ल्यूडी विभाग लखनऊ के पास भेज दिया था। लेकिन, छह महीने से फाइल प्रदेश शासन के वित्त विभाग में फंसी हुई। स्थानीय जनप्रतिनिधियों की ओर से प्रभावी पहल न किए जाने की वजह से मामला अटका हुआ है।
- मैंने ओवरब्रिज का शीघ्र निर्माण शुरू करवाने के लिए हाल में ही उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य से मुलाकात की थी। उन्होंने आश्वस्त किया है कि वित्त समिति की बैठक में बजट जारी कर दिया जाएगा। विधानसभा चुनाव की आचार संहिता के पहले धरातल पर काम शुरू हो जाएगा।
विज्ञापन

- रवि शर्मा, सदर विधायक।
ग्वालियर रोड ओवरब्रिज की फाइल शासन के पास है। उम्मीद है कि जल्द ही इसे स्वीकृति मिल जाएगी। इसके लिए शासन स्तर पर कई बार वार्ता की जा चुकी है। लेकिन, जब तक ब्रिज नहीं बन रहा है, तब तक यहां यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए पुलिस की तैनाती की जाएगी। इसके लिए सीओ ट्रैफिक से वार्ता की जाएगी।
- रामतीर्थ सिंघल, महापौर
अभी 14 घंटे बंद रहती है क्रॉसिंग
ग्वालियर रोड क्रॉसिंग गेट नंबर 117 पर लगने वाला जाम लोगों के लिए नासूर बनता जा रहा है। इस गेट से प्रतिदिन 40 से अधिक सवारी और 30 से अधिक मालगाड़ियां गुजर रहीं हैं। कोरोना काल से पहले यह क्रॉसिंग ट्रेनों के आवागमन की वजह से 24 में 14 घंटे बंद रहती थी। कोरोना काल की दूसरी लहर में हालत सामान्य होते ही दोबारा ऐसी ही स्थिति बनने लगी है। दूसरा, डबल ट्रैक बनने और उनाव- बालाजी मार्ग पर नई सड़क बनने के बाद से वाहनों की संख्या में और इजाफा हो गया है। इससे हर समय जाम की स्थिति बनी रहती है। अक्सर जाम में फंसे वाहन चालकों को दूसरे रास्तों का सहारा लेना पड़ता है। अमर उजाला में इस समस्या को लगातार उठाता आ रहा है।
चालक को रोकना पड़ी ट्रेन
शनिवार की सुबह 10.45 बजे ग्वालियर रोड क्रासिंग के गेटमैन को 02103 गोरखपुर लोकमान्य तिलक स्पेशल ट्रेन के निकलने का संकेत मिला। इसके बाद वह बटने से बूम गिराने (फाटक बंद करना) पहुंच गया। लेकिन पटरियों से इतना अधिक ट्रैफिक निकल रहा था कि वह दस मिनट तक गेट को बंद नहीं कर सका। इस कारण सिग्नल न मिलने पर चालक को ट्रेन क्रासिंग गेट से पहले रोकनी पड़ी। यही स्थिति शाम के वक्त भी बनी।
ग्वालियर रोड से निकलना मुश्किल हो गया है। क्रासिंग बंद होते ही जाम लग जाता है। अब तो यहां होमगार्ड भी दिखाई नहीं देते। नेता चाहें तो यहां पर जल्द ब्रिज बन सकता है।
विज्ञापन

- रहीश।
मुझे लगता है कि सीपरी बाजार में अभी ओवरब्रिज की जरूरत नहीं थी, जितनी आवश्यकता ग्वालियर रोड क्रासिंग पर है। यहां से तो निकलना मुसीबत भरा हो गया है।
- आरबी अग्रवाल।
शाम को क्रासिंग गेट से निकलना मुश्किल हो जाता है। गेट खुलने के बाद वाहन आमने- सामने आ जाते हैं। इससे आधे- आधे घंटे तक जाम लगा रहता है।
बृजेश नायक।
सालों से अखबार में पढ़ते आ रहे हैं कि ग्वालियर रोड क्रासिंग पर ओवरब्रिज बनने वाला है, लेकिन यह ब्रिज नेताओं के वादे जैसा हो गया है।
इंद्रजीत।
जब तक ओवरब्रिज नहीं बन जाता है तब तक यहां नियमित पुलिस की तैनाती होनी चाहिए। ताकि वाहनों को कतारबद्ध तरीके से खड़ा किया जा सके। इससे जाम नहीं लगेगा।
अशफाक खान।
विद्यालय जाते समय अक्सर क्रासिंग गेट बंद मिलता है। इससे वह लेट हो जाती है। इस गेट पर ओवरब्रिज बनना बहुत जरूरी हो गया है।
इस तरह होना है ओवरब्रिज का निर्माण
-----------------------------
- पुल होमगार्ड ट्रेनिंग सेंटर की मोड़ से उठकर दूसरी तरफ महिला पॉलीटेक्निक के पास जाकर उतरेगा।
- एक आने और एक जाने का पुल बनेगा। दोनों के अंदर का रास्ता साढ़े सात- साढ़े सात मीटर चौड़ा होगा।
- पुल के दोनों तरफ 450- 450 मीटर हिस्से का निर्माण सेतु निगम करेगा।
- पटरियों के ऊपर 60 मीटर हिस्से का निर्माण रेलवे को पूरा करना होगा।
- पटरियों के ऊपर अधिकतम ऊंचाई 11 मीटर होगी।
- ओवरब्रिज के निर्माण में 117 करोड़ अनुमानित लागत आएगी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें