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Jhansi News: आग लगने के बाद कोच में मच गई थी भगदड़, यात्रियों ने कूदकर बचाई जान

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- कई यात्रियों का सामान तक जल गया
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। ताज एक्सप्रेस से उठती आग की लपटें और धुएं को देख कोच में भगदड़ मच गई थी। जान बचाने की जद्दोजहद में जिसे जहां मौका मिला, उधर की ओर भागा। कुछ यात्री दूसरे कोचों की ओर दौड़े तो कुछ ट्रेन के गेट से कूदने लगे। इस बीच कुछ यात्रियों ने चेन पुलिंग करके ट्रेन को रोकने की कामयाब कोशिश की। ट्रेन के रुकने के बाद यात्री अफरातफरी में अपना सामान छोड़कर ट्रेन के गेटों से कूदने लगे। पूरी ट्रेन पांच मिनट में खाली हो गई। यात्रियों ने बताया कि अगर चेन पुलिंग न करते तो जान नहीं बच पाती।
ट्रेन के कोच डी-3 में झांसी के लिए सफर कर रहे यात्री घनश्याम पाल ने बताया कि ट्रेन दिल्ली से चली तो सब ठीक था। अचानक कोच में आग लग गई की आवाजें गूंजने लगीं। लोग एक-दूसरे को धक्का देते हुए दूसरे कोच की ओर भागने लगे। मैं भी अपनी सीट छोड़कर दौड़ा, तो देखा कि लोग कोच के गेट पर खड़े होकर ट्रेन रोकने के लिए चिल्ला रहे हैं। आननफानन हमने चेन खींची। कुछ अन्य यात्रियों ने भी चेन की ओर हाथ बढ़ाया। इसके बाद एक मिनट में ट्रेन रुक गई तो यात्री गेटों से कूदने लगे। देखते-देखते तीन कोच जल गए। ग्वालियर की यात्रा कर रहे अनिरुद्ध की आंखाें में आग लगने की दहशत साफ नजर आई। अनिरुद्ध ने बताया कि कोच में आग लगने के बारे में जैसे पता चला तो मैं भी भागा, लेकिन भीड़ के चलते निकल नहीं पा रहा था। कोच में धुआं भरने लगा तो यात्री खांसने लगे। ट्रेन रुकने के बाद कुछ यात्री तो इमरजेंसी खिड़की से कूदे। उन्होंने कहा कि अगर चेन पुलिंग न होती यात्री भाग न पाते।
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डिप्टी सीटीआई ने दिखाया साहस
ट्रेन रुकने के बाद डिप्टी सीटीआई पीयूष हयारण सबसे पहले डी-3 कोच में पहुंचे। उन्होंने अग्निशमन यंत्र की मदद से आग बुझाने की कोशिश भी की, लेकिन आग भड़क रही थी। उन्होंने यात्रियों को कोच से निकालने में भी मदद की।
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