झांसी। लगातार बढ़ रहे दवाओं के कच्चे माल की कीमतों में अब एक बार फिर से उछाल आ गया है। पेन किलर से लेकर एंटीबायोटिक तक महंगी हो गई हैं। पैरासिटामोल के दामों में एक बार फिर इजाफा हुआ है। स्टेरॉयड, एसिडिटी से लेकर लूज मोशन तक के दामों में बढ़ोतरी हो गई है।
भारत में सीधे चीन से दवाओं का कच्चा माल न आने, चीन में ऊर्जा संकट के चलते कुछ फैक्ट्रियों में काम प्रभावित होने का असर अब दवाओं की बढ़ती कीमतों के तौर पर देखने को मिल रहा है। पहले महीनों में कच्चे माल की कीमतें बढ़ती थीं लेकिन अब सप्ताह-सप्ताह में इजाफा हो रहा है। वहीं, दवा व्यवसायियों के मुताबिक ड्रग प्राइज कंट्रोल ऑर्डर (डीपीसीओ) के चलते कई दवाओं का मूल्य निर्धारित है। ऐसे में इन दवाओं के दाम नहीं बढ़ा सकते हैं। ऐेसे में दवा निर्माता घाटा होने के चलते दवाएं बनाने से ही इंकार कर दे रहे हैं। जो दवाएं डीपीसीओ के दायरे में नहीं आती हैं, उनके मूल्यों में इजाफा हो रहा है। अब पेन किलर, एंटीबायोटिक, बुखार, स्टेरॉयड, लूज मोशन, एसिडिटी आदि दवाओं का कच्चा माल फिर से महंगा हो गया है। ऐसे में कई दवाओं के दाम बढ़ने तय हैं।
नाम एक अक्तूबर 25 अक्तूबर उपयोग
एसिक्लोफेनिक 990 1250 पेन किलर
मेफनिक एसिड 580 650 पेन किलर
नीमोस्लाइड 700 1200 पेन किलर
डाइक्लोफेनिक 500 800 पेन किलर
सेप्ट्रकजॉन इंजेक्शन 6500 8500 एंटीबायोटिक
सिफेक्जिम 9000 14000 एंटीबायोटिक
सिफोडॉक्सिम 9600 20000 एंटीबायोटिक
एमोक्सीसिलीन 1600 3000 एंटीबायोटिक
प्रिप्राटेजो इंजेक्शन 7000 11000 एंटीबायोटिक
पैरासिटामोल 600 1200 बुखार
डेक्सामैथासॉन 38500 55000 स्टेरॉयड
टिंटाजोल 800 1000 लूज मोशन
ओरिनाडाजॉल 900 1400 लूज मोशन
पेंट्रापिजॉल 6000 7500 एसिडिटी
(नोट: दरें प्रति किलो में)
पहले महीनों में कच्चे माल के दाम बढ़ते थे लेकिन अब तो सप्ताह-सप्ताह में इजाफा हो रहा है। हाल ये है कि ऑर्डर देते हैं तो पता चलता है कि कच्चा माल और महंगा हो गया। इस कारण कई ऑर्डर निरस्त करने प पड़े हैं। अब फिर से पेन किलर, एंटीबायोटिक, बुखार, स्टेरॉयड आदि दवाओं का कच्चा माल महंगा हुआ है। डीपीसीओ के दायर में आने वाली कई दवाओं में घाटा देखकर निर्माता दवा बनाने से मना कर दे रहे हैं। - नितिन मोदी, सचिव, जिला केमिस्ट एसोसिएशन।