अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। रविवार सुबह बरुआसागर कस्बे के निगोना खेड़ा माेहल्ले में सुरेंद्र कुशवाहा (25) ने फंदा लगाकर जान दे दी। वह अपना पैतृक मकान बेचना चाहता था लेकिन माता-पिता ने इससे इन्कार कर दिया। सुबह इस बात को लेकर मां-बाप से उसका झगड़ा हुआ। इसके बाद उसने अपने कमरे में जाकर फंदा लगा लिया।
निगोना खेड़ा निवासी सुरेंद्र प्राइवेट काम करता था। परिजनों ने बताया कि पत्नी सोनिया और बच्चों के साथ वह ससुराल में रहता था। शनिवार को सुरेंद्र घर आया था। वह इस मकान को बेचना चाहता था। उसने पिता देवीलाल से बात की लेकिन वह राजी नहीं हुए। मां ने भी मकान बेचने से इन्कार कर दिया। इससे सुरेंद्र नाराज हो गया। रविवार सुबह उठकर उसने मां-बाप के साथ गाली गलौज की। कुछ देर बाद माता-पिता मंसिल माता मंदिर के बाहर दुकान पर चले गए। सुरेंद्र अपने कमरे में चला गया। यहां उसने पंखे के हुक के सहारे फंदा लगा लिया। कुछ देर बाद जब उसका भाई पहुंचा, तो वह फंदे से लटका मिला। यह देख वहां चीख पुकार मच गई। बरुआसागर पुलिस भी पहुंच गई। थानाध्यक्ष राहुल राठौर के मुताबिक परिवार में हुए विवाद के बाद उसने सुसाइड किया। जांच पड़ताल की जा रही है।