झांसी। नगर निगम द्वारा हाईकोर्ट के स्टे के बावजूद विवादित जमीन पर निर्माण कार्य कराया जा रहा है। आश्चर्य की बात यह है कि काम के लिए टेंडर तो निकला था, लेकिन फाइल पास नहीं हुई है, फिर भी एग्रीमेंट व वर्क आर्डर जारी हुए बिना ही ठेकेदार ने पचास फीसदी से अधिक निर्माण कार्य पूरा कर लिया है।
आर्य कन्या कॉलेज के पास स्थित नेहरू पार्क से लगा हुआ एक विवादित प्लाट है। इस प्लाट पर एक व्यक्ति व नगर निगम अपनी-अपनी दावेदारी कर रहे हैं। पूर्व में नगर निगम ने इस प्लाट पर बाउंड्रीवाल बनाने के लिए टेंडर निकाला था, इस पर दूसरे दावेदार ने उच्च न्यायालय की शरण ली, जिस पर कोर्ट ने स्टे आर्डर दे दिया था।
तभी से यह मामला उच्च न्यायालय में विचाराधीन है। इसी बीच सपा के एक जनप्रतिनिधि ने नगर आयुक्त को पत्र लिख कर प्लाट की बाउंड्री कराकर इसे सुरक्षित करने के लिए कहा था। इस पर नगर निगम ने आनन-फानन में टेंडर जारी कर दिया था।
टेंडर की फाइल पास होने जब महापौर किरन राजू बुकसेलर के पास गई तो उन्होंने स्टे के कारण उसे पास नहीं किया था। फाइल पास हुए बिना न तो एग्रीमेंट हो सकता है और न ही वर्क आर्डर जारी हो सकता है। प्रक्रिया पूरी हुए बिना ही एक ठेकेदार ने बाउंड्री का निर्माण कार्य शुरू कर दिया है।
बाउंड्री का कार्य पचास फीसदी से अधिक पूरा भी हो गया है। मामला संज्ञान में आने पर महापौर ने नगर आयुक्त को पत्र लिखकर आपत्ति जताई है। नगर आयुक्त को लिखे पत्र में उन्होंने कहा कि मौके का निरीक्षण कर आख्या दें कि किसके आदेश पर ठेकेदार द्वारा कार्य कराया जा रहा है।
नेहरू पार्क के पास पूर्व राष्ट्रपति डा. एपीजे अब्दुल कलाम के नाम से पार्क बनना प्रस्तावित है। जमीन पर किसी व्यक्ति ने स्टे ले रखा है। बिना स्वीकृति हो रहे निर्माण कार्य का भुगतान तो किया ही नहीं जाएगा। यह भी जांच की जाएगी कि ठेकेदार किसके कहने पर निर्माण कार्य कर रहा है।
अरुण प्रकाश, नगर आयुक्त