अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। ललितपुर में हाइड्रोसिफलस (द्रव्य भरने से सिर बड़ा होना) की वजह से सामान्य प्रसव के समय सिर फंसने से शिशु की मौत हो गई। हालत बिगड़ने पर महिला को महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। स्त्री रोग विभाग में जांच के बाद मृत शिशु के सिर से करीब ढाई लीटर द्रव्य निकाला। इसके बाद सामान्य प्रसव कराया गया। डॉक्टरों का कहना है कि ऐसे हालात में सामान्य प्रसव पहली बार किया गया है।
स्त्री रोग विभागाध्यक्ष डॉ. सिप्पी अग्रवाल ने बताया कि ललितपुर के मसौरा में एक महिला के प्रसव पीड़ा हुआ। जब तक प्रसव होता तब तक गर्भस्थ शिशु पलट गया, जिससे उसके दोनों पैर और आधा धड़ बाहर आने के बाद शिशु फंस गया। कुछ देर में महिला की हालत बिगड़ने लगी तो डॉक्टरों ने मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। स्त्री रोग विभाग में जब महिला की जांच की तब पता चला कि शिशु का सिर हाइड्रोसिफलस की वजह से काफी बड़ा है, जो फंस गया है। ऐसे में ऑपरेशन ही एक विकल्प था मगर महिला की हालत देख, ऑपरेशन भी संभव नहीं था। ऐसे में निडिल के माध्यम से शिशु के सिर से द्रव्य को निकाला गया। करीब ढाई लीटर द्रव्य निकलने के बाद बिना सर्जरी सामान्य प्रसव कराया गया। डॉ. सिप्पी अग्रवाल, डॉ. सुचेता राजपूत, डॉ. मनु शुक्ला, डॉ. शिखा राजपूत, डॉ. श्रेया भल्ला आदि मौजूद रहे।
0- ये होता है हाइड्रोसिफलस
मस्तिष्क में अत्यधिक मात्रा में सेरेब्रोस्पाइनल फ्लूड (मस्तिष्कमेरु द्रव) का जमाव होता है, जिससे गर्भ में शिशु का सिर काफी बड़ा हो जाता है। इसकी पहचान के लिए एमआरआई या अल्ट्रासोनोग्राफी करते हैं।