झांसी। नगर निगम की ओर से सीएम ग्रिड के तहत निकाले गए टेंडर को लेकर उठा विवाद तूल पकड़ने लगा है। अब उपसभापति ने मुख्यमंत्री को चिट्ठी लिख मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है।
सीएम ग्रिड के तहत बीकेडी से ग्वालियर रोड होते हुए गणेश चौराहा तक सड़क का निर्माण होना है। इसके लिए नगर निगम की ओर से निविदा निकाली गई थी। छह फर्मों ने निविदा प्रक्रिया में हिस्सा लिया। तकनीकी बिड खुलने के बाद तीन बाहर हो गईं। बची हुई तीन फर्मों में से लखनऊ की फर्म को लेकर आरोप लगने लगे। पहले मेयर बिहारी लाल आर्य ने नगर विकास विभाग के प्रमुख सचिव को पत्र लिखा। अब उपसभापति आशीष तिवारी ने भी सीएम को पत्र लिखकर अनियमितता के आरोप लगा दिए हैं। उन्होंने पत्र में कहा कि निविदा में चयनित कंपनी द्वारा लगभग 200 करोड़ की वर्तमान वित्तीय प्रतिबद्धताएं छिपाई गई हैं। दस्तावेजी प्रमाण समेत विस्तृत आपत्तियां संबंधित अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत की गईं। इसके अलावा कंपनी ने कार्य अनुभव से संबंधित अहम तथ्यों आदि को भी छिपाया है। इसको लेकर भी प्रमाण उपलब्ध कराए गए। जबकि निविदा शर्त में उल्लेखित है कि यदि कोई फर्म अपने द्वारा प्रस्तुत प्रपत्रों, विवरणों अथवा अन्य दस्तावेजों में भ्रामक या असत्य जानकारी/ प्रतिनिधित्व करती है तो वह अयोग्य घोषित करने की पात्र होगी। इन तथ्यों की जानकारी एवं प्रमाण उपलब्ध होने के बावजूद निर्माण विभाग के एक अधिकारी ने इन आपत्तियों की अनदेखी की।
‘तय समयसीमा के तीन महीने बाद भी काम पूरा नहीं’
झांसी। वार्ड 16 में नाली, पुलिया और सड़क निर्माण कार्य में अनियमितता होने का आरोप लगाते हुए मसीहागंज के अजय कुमार ने नगर आयुक्त से जांच कराने की मांग की है। प्रार्थनापत्र में अजय ने कहा कि पांच सितंबर 2025 को 8.10 लाख की लागत से किराना स्टोर से नाली, पुलिया और सड़क निर्माण के लिए निविदा निकाली गई थी। जिस फर्म को टेंडर मिला वो तय समयसीमा के तीन महीने बाद तक काम पूरा नहीं कर पाई है। इससे क्षेत्रवासियों को परेशानी हो रही है।